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राजद का कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। चारा घोटाला पर बहस कराने के लिए विधानसभा में राजद द्वारा पेश कार्यस्थगन प्रस्ताव गुरुवार को खारिज हो गया। विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने प्रस्ताव नियमानुकूल नहीं होने की वजह से इसे अस्वीकार कर दिया। राजद के मुख्य सचेतक सम्राट चौधरी ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था।

सभाध्यक्ष की घोषणा के ठीक बाद राजद के तमाम सदस्य सदन से वाकआउट कर गये। राजद के विधायक भाई वीरेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष को नियमानुसार प्रस्ताव लाने की चुनौती दी थी। इसी के बाद विपक्ष ने कार्यसंचालन नियमावली के नियम 105 के तहत शून्यकाल के दौरान कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार बहस से पीछे हट गयी।

दूसरी ओर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानन्द तिवारी ने कहा कि चारा घोटाले के एक आरोपी ने 18 साल पहले मेरे (शिवानन्द तिवारी), नीतीश कुमार और ललन सिंह पर पैसे लेने के आरोप लगाये थे। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही थी और इसकी मॉनिटरिंग हाईकोर्ट द्वारा हो रही है।

अगर सच्चाई होती तो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के साथ-साथ हमारे खिलाफ भी मुकदमा चल रहा होता। अब जबकि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ है, तो किसी ने रांची हाईकोर्ट में जांच कराने की याचिका दायर की है।

कमाल की बात यह है कि याचिकाकर्ता ने तीन नामों में से एक नाम को हटा दिया है। ऐसा सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बदनाम करने के लिए हो रहा है।

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