DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गर्म तेल की आंच लेते हैं जंगल के राजा

पटना, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शेर की मांद को गर्म रखने के लिए ठंड के मौसम में विशेष प्रकार के हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपकंपाती ठंड में शेर की दहाड़ कम न हो इसके लिए उद्यान प्रशासन ने कैट प्रजाति के जानवरों के लिए चार ऑयल बांड हीटर लगाये हैं। यह चलता तो है बिजली से पर इसके अंदर मौजूद तेल के गर्म होने से गर्म हवा शेर और बाघ तक पहुंचती है।

खास बात यह है कि इस हीटर के चलने से ऑक्सीजन की मात्रा में कोई कमी नहीं आती। दरअसल बंद कमरे में ब्लोअर चलाने से ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आ जाती है। इससे जानवरों को परेशानी होती है। वहीं अगर सामान्य हीटर लगा हो तो उसमें जल रहे रॉड की लाल रौशनी से कैट प्रजाति के जानवर भड़क जाते हैं और रात में सो नहीं पाते।

मेगा कैट प्रजाति में बाघ एवं शेर आते हैं। ऐसे जानवरों को जू में ठंड से बचाने के लिए विशेष हीटर का प्रबंध करना पड़ा है। वही अन्य जानवरों के लिए 14 सामान्य हीटर लगाए गए हैं। उद्यान प्रशासन ने बुजुर्ग जानवरों के लिए विशेष व्यवस्था की है।

खासकर वैसे जानवरों के लिए जिनकी औसत उम्र पार हो चुकी है। इनमें 18 वर्ष की लेपर्ड गीता, 17 साल की सीता बाघिन और 35 वर्ष का गैंडा शामिल है। रात में इनकी देखभाल के लिए विशेष प्रहरी की डय़ूटी लगाई गई है। साथ ही विटामिन की व्यवस्था की गई है ताकि उनमें प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

भोजन में बाघ और शेरों को सुबह में दो किलो का मुर्गा और शाम को एक किलो कलेजी दी जाती है। खास बात यह है कि जू में मच्छरों की तादाद काफी बढ़ गई है। इससे जानवरों और दर्शकों को बचाने के लिए उद्यान में फॉगिंग भी कराई जानी है।

उद्यान के निदेशक अभय कुमार ने कहा कि ठंड के मौसम में कैट प्रजाति के जानवरों को लेकर चुनौतियां बढ़ जाती है। इससे निपटने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। तापमान को सामान्य बनाने के लिए कई तरीके अपनाए गए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गर्म तेल की आंच लेते हैं जंगल के राजा