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पारा चल रहा है 6 डिग्री ज्यादा

 नोएडा। महकार सिंह। पिछले 11 सालों में सबसे गरम नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी के तेवर नहीं दिख रहे हैं। इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले पारा छह डिग्री ज्यादा चल रहा है। जिससे फिलहाल सुबह के वक्त ठिठुरन तो हो ही नहीं रही है। दिन में पारे के 30 डिग्री सेल्सियस तक जाने से लोगों के पसीने भी छूट रहे हैं। अगर एक सप्ताह और ऐसा ही हाल रहा तो रबी की फसल पर बुरा असर पड़ना तय है। बृहस्पतिवार को दिल्ली और एनसीआर के आसपास का तापमान 14 डिग्री के करीब रहा।

जबकि पिछले साल की 8 दिसंबर को दिल्ली में पारा 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का था। जो सामान्य है, लेकिन फिलहाल यह सामान्य से छह डिग्री ज्यादा चल रहा है। ठीक एक साल पहले दिल्ली में पारा 23 डिग्री के पार नहीं गया था। मगर बृहस्पतिवार को एनसीआर में पारा 30 डिग्री तक चढ़ गया था। इससे पहले नवंबर में न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे नहीं गया था। ऐसा पिछले 11 सालों में इसी सीजन में हुआ। मौसम वैज्ञानिक इसकी वजह जम्मू-कश्मीर में बनने वाले कमजोर पश्चिमी विक्षोभों को मान रहे हैं।

नोएडा के राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. रणजीत सिंह कहते हैं कि नवंबर में आमतौर पर पांच से छह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बनते हैं। इस साल भी इतने ही बने। मगर इनकी तीव्रता कम थी। जिसके चलते गंगा के मैदानी इलाकों में बिल्कुल बारिश नहीं हुई। जिससे ठंड नहीं बढ़ी। दिसंबर में भी अभी तक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ही बने हैं।

मौसम के गरम होने का असर फसलों पर पड़ रहा है। उपनिदेशक (कृषि) एसी शर्मा कहते हैं कि तापमान के सामान्य से ज्यादा चलने के कारण जिले में रबी की फसल की 70 ही बुआई हो पाई है। आसपास के जिलों में भी इतनी ही कमी दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल 80 प्रतिशत ज्यादा फसल की बुआई हो गई थी। वह आगे जोड़ते हैं कि अगले एक सप्ताह ऐसा ही मौसम रहा तो रबी के उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। अधिकतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियसन्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियसअधिकतम आद्र्रता 94 प्रतिशतन्यूनतम आद्र्रता 49 प्रतिशत

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