DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जामा मस्जिद धमाके में शामिल था आफताब

वरीय संवाददाता, भागलपुर। पिछले साल 19 सितंबर को दिल्ली की जामा मस्जिद के सामने हुए धमाके व गोलीबारी में पूर्णिया का आफताब भी शामिल था। मौका-ए-वारदात पर वह बाइक चला रहा था और उसके पीछे बैठा दूसरा आतंकी बम और गोलियां चला रहा था। आफताब से प्रारंभिक पूछताछ से यह खुलासा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ से इस बात का अंदाज मिला है कि इस साल के सितंबर माह में दिल्ली तीस हजारी कोर्ट, बेंगलेरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम और मुंबई ब्लास्ट में आफताब की भूमिका दूसरे रूप में थी पर जामा मस्जिद धमाके में वह सीधे तौर से जुड़ा हुआ था। यह हमला राष्ट्रमंडल खेल से कुछ ही दिन पूर्व हुआ था जिसमें दो विदेशी नागरिक घायल हुए थे।

इस धमाके के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा शिकंजा कसे जाने के भय से वह पनाह लेने यहां गांव चला आया। इसके पहले वह गांव में कम ही रहता था पर इधर कुछ महीनों से वह ज्यादातर गांव में ही समय देने लगा। कहने के लिए वह दुकान पर अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था पर असल में वह यहीं से आतंकी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

वह दिमाग से इतना शातिर और चालाक था कि अपने नाम का कोई चीज इस्तेमाल नहीं करता था। जांच के दौरान उसकी बाइक और मोबाइल दोनों दूसरों के नाम से पाए गए। गांव में जिस बाइक का वह इस्तेमाल करता था, वह किसी और की है। कागज में बजाज डिस्कवर बाइक का असली ऑनर रजा अहमद नामक व्यक्ति है जो इसी क्षेत्र का रहनेवाला है।

आफताब इस बात से अच्छी तरह वाकिफ था कि मोबाइल के नेटवर्क से वह कभी भी पकड़ा जा सकता है इसलिए पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह अपने मोबाइल का न के बराबर प्रयोग करता था। बाहर बात करने के लिए वह स्थानीय वाहिद नामक एक व्यक्ति के सिम का उपयोग करता था। लेकिन यह नंबर भी टीम की नजर से बच नहीं सका। जांच एजेंसी को यह नंबर उसकी गर्ल फ्रैंड से मिला। उसके बाद उस पर जाल फैलाया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जामा मस्जिद धमाके में शामिल था आफताब