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छह महीने में जब्त हुए 13 करोड़ के नकली नोट

वाराणसी कार्यालय संवाददाता। देश के बाजारों में नकली नोट फैलाने वाला सिंडिकेट किस तरह सक्रिय है इसका अंदाजा चालू वर्ष में विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई बरामदगी से लग जाता है। एनआईए, सीबीआई, एटीएस और पुलिस की स्थानीय इकाइयों ने 2011 में जून महीने तक लगभग 13 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अमित शंकर को सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय से यह जानकारी मिली है। गृह मंत्रालय और एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पड़ोसी देशों से नकली नोटों की तस्करी में साल दर साल इजाफा हुआ है। हालांकि इससे निबटने के लिए देश का सुरक्षा तंत्र भी पहले से ज्यादा चौकस है।

लिहाजा हर साल बरामदगियों की संख्या बढ़ी है। वर्ष-2005 से जून-2011 तक देश में कुल 114.34 करोड़ रुपये के नकली नोट पकड़े गए हैं। इनके साथ पकड़े गए 11874 तस्कर विभिन्न जेलों में बंद हैं। नकली नोट की तस्करी मामले में देश में कुल 13502 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। खास यह कि बीते साल में एजेंसियों ने सबसे ज्यादा लगभग 27 करोड़ के नकली नोट बरामद किए। जबकि 2006 में नकली नोटों की तस्करी के सबसे ज्यादा असफल प्रयास हुए।

इस साल 2350 लोगों को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया। इससे निबटने के लिए एनआईए ने टीएफएफसी (टेरर फंडिंग एंड फेक करेंसी सेल) का गठन किया तो गृह मंत्रालय ने जाली भारतीय मुद्रा समन्वय केंद्र का गठन किया।

इसके अलावा डीआरआई को भी जाली मुद्रा का सिंडिकेट तोड़ने की जिम्मेदारी दी गई। इस क्रम में राज्य सरकारों के निर्देश पर एटीएस, एसटीएफ और जिला पुलिस भी नकली नोटों के काले कारोबार के पीछे लगी हैं। वर्ष बरामदगी (करोड़ में) गिरफ्तारी 2005 6.93 19022006 8.39 23502007 10.68 18572008 25.89 19282009 22.98 18672010 26.96 14602011 12.51 510 (30 जून तक)

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