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मुख्यमंत्री के पलामू दौरे पर राजनीति शुरू

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के पलामू दौरे के साथ ही झारखंड की राजीनति फिर एक बार गरमा गई है। विपक्ष जहां उनके दौरे को नाटक बता रहा है, वहीं सरकार इसे विकास की ओर तेजी से बढ़ते कदम बता रही है। इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

जिम्मेवारी से बचने के लिए सीएम कर रहे नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि सीएम की यह यात्राा पलामू प्रमंडल के लोगों को मुंह चिढ़ाने के समान है। पलामू में पिछले दस सालों में विकास हुआ ही नहीं। सड़कें बनी ही नहीं हैं। फिर सीएम किसकी समीक्षा करने के लिए वहां गये हैं, यह विचारणीय प्रश्न है।

बलमुचू ने कहा कि पलामू में विकास नहीं होने के कारण ही कुछ लोगों ने नक्सलवाद का रास्ता अख्तियार कर लिया है। पलामू प्रमंडल में कई ऐसे गांव हैं, जहां आज तक बिजली नहीं पहुंची है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें तक नहीं हैं। सीएम अपनी जिम्मेवारी से बचने के लिए पलामू यात्राा कर नाटक कर रहे हैं।

सीएम का शासन पर नियंत्रण नहीं : प्रवीण सिंहझाविमो महासचिव प्रवीण कुमार सिंह ने सीएम के पलामू दौरे को नौटंकी बताया है। उन्होंने कहा कि सीएम का शासन पर कोई नियंत्रण नहीं है। शासन सिस्टम से चलता है। सरकार के कामकाज का आकलन करने के लिए सड़क यात्राा करना जरूरी नहीं है।

मुख्यमंत्री की यह यात्राा जनता को दिगभ्रमित करने की एक मुहिम है। यह सरकार का नहीं, भाजपा का एजेंडा है। मुंडा सरकारी काम कम, भाजपा का अधिक कर रहे हैं। उनकी यात्राा तभी कारगर मानी जाएगी जब दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

सीएम पिछले महीने सड़क से संताल परगना गए थे। कई सड़कों का निरीक्षण किया। सड़क की दुर्दशा पर चिंता जाहिर की। अधिकारियों को फटकार लगाई, लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। सीएम भले ही सड़क से कम चलते हैं। इनके मंत्री तो आते-जाते हैं। उन्हें तो सड़क की स्थिति की जानकारी है।

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