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अयोध्या विध्वंस मामले की सुनवाई रोजाना हो: उच्च न्यायालय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने को लेकर रायबरेली में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत में चल रहे मुकदमें की रोजाना सुनवाई का गुरुवार को आदेश दिया।
 
न्यायमूर्ति एस.एन.शुक्ला और न्यायमूर्ति एस.बी.एस.राठौर की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले का जल्द निस्तारण आवश्यक है लिहाजा गवाही और जिरह रोज जारी रहनी चाहिए। गवाही के लिए समय सात दिन से ज्यादा नहीं बढाया जा सकता।
 
खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी कारणवश वकील उपलबध नहीं हैं तो वह किसी दूसरे वकील की व्यवस्था करेगा। अदालत ने रायबरेली के जिला और सत्र न्यायालय के इस आदेश को खारिज कर दिया कि मुकदमें की सुनवाई प्रत्येक तीसरे दिन की जाएगी। खंडपीठ ने आदेश विश्व हिन्दू परिषद के नेता विष्णु हरि डालमिया की ओर से दायर याचिका पर दिए।

रायबरेली में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (अयोध्या प्रकरण) की अदालत में विवादित ढांचा विध्वंस की सुनवाई चल रही है। इसके जल्द निस्तारण के लिए रायबरेली के जिला न्यायाधीश ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखा था कि मामले की सुनवाई महीने में दस दिन सुनिश्चित की जाय।
 
इस पत्र के आधार पर रजिस्ट्रार जनरल ने महीने में दस दिन सुनवाई करने को कहा जिसके आधार पर रायबरेली के जिला न्यायाधीश ने 22 जुलाई को आदेश भी जारी कर दिया। उच्च न्यायालय के खण्ड पीठ ने इस आदेश को खारिज करते हुए मामले को रोज सुनवाई करने के आदेश दिए।

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  • Web Title:अयोध्या विध्वंस मामले की सुनवाई रोजाना हो: उच्च न्यायालय