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दो छात्रों की मौत के बाद जागा रेलवे

 गाजियाबाद। हमारे संवाददाता। गत सप्ताह ईयरफोन के कारण ट्रैक पर दो छात्रों की जान चले जाने व रेलवे ट्रैक पार करते वक्त छात्रों द्वारा बरती जाने वाले लापरवाही को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। इसको ध्यान में रखते हुए बुधवार से रेलवे ने जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की। बजरिया स्थित जेकेजी पब्लिक स्कूल व लिटिल हार्ट स्कूल के छात्रों को रेलवे की टीम ट्रैक पार करते वक्त रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।

छात्रों को अफसरों ने रेलवे ट्रैक पार करते समय मोबाइल व ईयरफोन के इस्तेमाल के खतरनाक पहलू बताए। साथ ही ट्रैक के आसपास लगे साइन बोर्ड को नजरअंदाज न करने की सीख दी। रेलवे टीम में शामिल चीफ डीएमई सुशील शर्मा ने बच्चों को बताया कि रेलवे ट्रैक पार करते वक्त सबसे पहले उन्हें ट्रैक के दोनों ओर नजर दौड़ानी चाहिए। वहीं ट्रैक के आसपास लगे प्रतीक चिन्ह व सिग्नल का पालन करने की बात बताई।

उन्होंने कहा कि ट्रैक पार करते वक्त ईयरफोन का इस्तेमाल करना बेहद घातक होता है। इससे उन्हें ट्रैन के हॉर्न की आवाज नहीं सुनाई देगी। इससे कभी भी दुर्घटना घट सकती है। रेलवे के क्षेत्राधिकारी डीके चोपड़ा ने बताया कि रेलवे ट्रैक पार करते वक्त ईयरफोन के साथ मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना दोनों खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि दोनों यंत्रों से व्यक्ति का ध्यान कहीं और लगा होता है, और घटना घट जाती है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन अधीक्षक कुबेर कश्यप ने कहा कि ट्रैक पार करते वक्त प्रतीक चिह्नें व सिगनल को फॉलो करने से दुर्घटना से बचा जा कसता है। इस मौके पर मुख्य टिकट अधीक्षक अजय हांडा, वाणिज्य निरीक्षक राज कुमार ने भी बच्चों को टिप्स दिए। इस अवसर पर जेकेजी स्कूल बजरिया की प्रिंसिपल विमल चोपड़ा, आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद डौंडियाल, जीआरपी एसएसआई पंकज लवानिया, गार्ड अरविंद, चंचल शुक्ला आदि उपस्थित थे।

पार करना है बच्चों खतरनाक- रेल दुर्घटनाएं रोकने को रेलवे अफसरों ने ली बच्चों की क्लास- बच्चों को बताया, मोबाइल व ईयरफोन लगाकर न करें ट्रैक पार- ट्रैक क्रास करते वक्त देखें दोनों ओर, साइन बोर्ड पर भी हो नजर- कार्यक्रम में जेकेजी बजरिया व सिटी हार्ट स्कूल के बच्चों ने लिया भाग

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