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मांडर से पलामू तक नाराज दिखे सीएम

बुधवार को मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा रांची से सड़क मार्ग से मेदिनीनगर पहुंचे। सीएम मांडर से मेदिनीनगर के बीच कई जगहों पर रुके। सड़कों की हालत का जायजा लिया। अपनी नाराजगी जताई। आवश्यक निर्देश दिए और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।

सीएम का काफिला सुबह साढ़े नौ बजे रांची से निकला। सड़कों की हालत देख कर उनकी टिप्पणी थी : मुङो यह उम्मीद नहीं थी कि सड़कों के निर्माण में इस तरह अभियंता और ठेकेदार लापरवाही बरतते हैं। सीएम का काफिला मांडर के कंदरी चिलटोली के पास रुका। मानव संसाधन विकास मंत्री बैजनाथ राम भी साथ थे। सीएम ने इंजीनियर और ठेकेदार को बुलाया। पूछा : इंजीनियर कौन है। इतना घटिया काम हो रहा है। वह क्या देखता है। भीड़ में से देव सहाय भगत पहुंचे और कहा : हम इस काम को देख रहे हैं। एनएच 75 में मरम्मत का काम चल रहा है। गृह सचिव जेबी तुबिद ने अपने पैर से गिट्टी हटाई और कहा कि बिटूमिन नहीं है। कितने का काम है। अभियंता का जवाब था : नौ करोड़ का। सीएम एनएच के इंजीनियर पर बरस पड़े। कहा : अगर काम ठीक नहीं हुआ, तो अच्छा नहीं होगा। ठेकेदार कंपनी के मुंशी ने भरोसा दिया कि जल्द ही गुणवत्ता में सुधार होगा।

इसके बाद वहां से सीएम का काफिला रवाना हुआ। कुंड़, चंदवा, लातेहार के बाद काफिला सतबरवा जोड़ा पुल के पास रुका। अर्धनिर्मित पुलिया को देख कर सीएम फिर नाराज हुए। उन्होंने ठेकेदार, अभियंता, मुख्य अभियंता और अन्य अफसरों को बुलाया। उन्होंने पूछा :  इसका काम कौन करा रहा है। पलामू की उपायुक्त पूजा सिंघल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ठेकेदार संजय अग्रवाल को काम मिला है। 69 किलोमीटर सड़क बनाने में 82 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। एनएच 75 पर 52 पुल-पुलिया का भी निर्माण किया जाना है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्यपालक अभियंता सुरेन्द्र पांडेय और मुख्य अभियंता मुरारी भगत को जमकर लताड़ा। इन दोनों से सीएम जानना चाहते थे कि सड़क और पुल-पुलिया का निर्माण का आवंटन कब हुआ था। उन्हें बताया गया कि सितंबर 2010 में काम का आवंटन हुआ है, जिसे अप्रैल 2012 में पूरा करना है। सीएम ने पूछा इस गति से यह निर्धारित समय पर कैसे पूरा होगा। मुख्य अभियंता का जवाब था : हमने 26 नवंबर को सड़क का निरीक्षण किया था। इस पर सीएम बिफर पड़े।  पूछा : काम नहीं हो रहा है। इसके लिए क्या कदम उठा रहे थे। अभियंता का जवाब था : पत्र लिखा है। सीएम ने फिर सवाल दागा : आप विनती कर रहे हैं और वह काम नहीं कर रहा है। करीब 25 मिनट तक वहां रहने के बाद मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण के सचिव एनएन पांडेय को निर्देश दिया कि वह 15 दिन के अंदर एक रिपोर्ट सरकार को सुपुर्द करें।

रास्ते में ही मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरी स्थिति बदल जाएगी। उन्होंने लातेहार के उपायुक्त को इस पर एक रिपोर्ट देने को कहा है कि एनएच की मरम्मत में इतना विलंब क्यों हो रहा है। सीएम ने आदेश दिया कि जल्द ही मरम्मत का काम पूरा हो। मुख्यमंत्री के साथ गृह सचिव जेबी तुबिद, पथ निर्माण सचिव और अन्य अधिकारी भी थे। डीजीपी जीएस रथ भी पीछे से पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीएम सड़क निर्माण और अन्य विकास की योजनाओं को देख रहे थे। कुडू से चंदवा तक सड़क किनारे दोनों तरफ पुलिस के जवान तैनात किये गए थे।

सासंग प्रोजेक्ट उवि को अपग्रेड करने का आदेश
चंदवा से लातेहार जाते हुए सीएम सड़क किनारे स्थित सासंग प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय में रुके। वहां पढ़ रहे बच्चे सीएम को अपने करीब देख हतप्रभ थे। सीएम नौवीं कक्षा के बच्चों के बीच पहुंचे। उनसे पूछा : साइकिल मिली है या नहीं। क्या पढ़ रहे हो। शिक्षक पढ़ाते हैं या नहीं। बच्चों ने जवाब दिया : यहां पढ़ाई अच्छी होती है। कुछ देर उस कमरे में रहने के बाद मुख्यमंत्री और अधिकारी विद्यालय के प्रथम तल्ले पर गए, जहां दसवीं की कक्षा चल रही थी। इसमें सिर्फ बालिकाएं थी। छात्रओं से मुख्यमंत्री ने पूछा : साइकिल मिली है कि नहीं। सभी ने एक स्वर से जवाब दिया :  साइकिल मिल गई है और इस विद्यालय में पढ़ाई भी ठीक होती है। मुख्यमंत्री जब वापस जाने लगे, तो बिहारी उरांव और अशोक भगत नामक दो छात्र उन्हें रोक कर बताया कि उन्हें साइकिल नहीं मिली है। इसकी व्यवस्था करवाईये। बच्चाों को समझाने के बाद सीएम एक विद्यालय के निर्माणाधीन भवन को देखने गये। उनके साथ उपायुक्त राहुल पुरवार भी थे। डीसी से सीएम ने जानना चाहा कि कितने की लागत से यह भवन बन रहा है। निर्माणाधीन भवन के चारों तरफ घूम कर सीएम ने गुणवत्ता की जांच भी की। बाहर निकलने पर उन्होंने शिक्षा मंत्री बैजनाथ राम से कहा कि एक प्रस्ताव बनाइए।  इस विद्यालय को प्लस टू के लिए अपग्रेड कीजिए।

डीसी का वाहन पलटा
लातेहार के उपायुक्त का वाहन उस समय पलट गया, जब सीएम का काफिला सासंग विद्यालय के पास रुक गया था। डीसी अपने वाहन पर नहीं थे। इसमें किसी को चोट नहीं पहुंची और गाड़ी भी ठीक है। 

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