DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संसद चले तो पूरा माहौल सुधरेगा: प्रणव

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि महंगाई और विकास से जुड़ी चिन्ताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के आधारभूत तत्व मजबूत हैं और संसद यदि चलती है और महत्वपूर्ण विधेयक पारित होते हैं तो पूरा माहौल सुधरेगा।

लोकसभा में 2011-12 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों (सामान्य) के दूसरे हिस्से को लेकर हुई चर्चा के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था मुश्किल हालत में है लेकिन भारतीय अर्थव्ययवस्था के आधारभूत तत्व अभी भी मजबूत हैं।

खुदरा एफडीआई, तेलंगाना, महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों पर संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही आज से पहले एक भी दिन नहीं चल पाई और सदस्यों ने जमकर हंगामा किया, लेकिन 22 नवंबर को शुरू हुए इस सत्र में आज सुचारू रूप से कामकाज हुआ और लोकसभा ने अनुदान की अनुपूरक मांगों को ध्वनिमत से मंजूर किया। 2011-12 के दौरान सरकारी व्यय 56800 करोड़ रुपये और बढ़ाने के उद्देश्य से ये मांगें रखी गई थीं।

मुखर्जी ने कहा कि यदि संस्थाएं मजबूत रहती हैं, यदि संसद चलती है, यदि सदन (विधेयकों पर) चर्चा करता है और पारित करता है तो हालात बेहतर हो सकते हैं आप देखेंगे कि माहौल बदल गया है। उन्होंने कहा कि मंदी के बावजूद बचत दर और निवेश दर लगभग 33 से 35 प्रतिशत पर मजबूत बनी हुई हैं हालांकि मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे को लेकर चिन्ताएं जरूर हैं।

मुखर्जी ने कहा कि भारत कई अन्य देशों के मुकाबले अच्छी विकास दर हासिल कर रहा है हालांकि यह नौ प्रतिशत के उंचे स्तर से नीचे आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरी तिमाही में तुर्की को छोड़ दुनिया के किसी अन्य उस देश की विकास दर ऊंची नहीं रही है, जो आकार के मामले में लगभग एक जैसे हैं।

भारत ने दूसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत की विकास दर हासिल की। चालू वित्त वर्ष में इसकी विकास दर गिरकर 7.5 प्रतिशत रहने की आशंका है। 2010-11 में यह 8.5 प्रतिशत थी। महंगाई के बारे में मुखर्जी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी 2010 में 22 प्रतिशत थी जो नवंबर 2011 में गिरकर आठ प्रतिशत रह गई लेकिन इसे पांच से छह प्रतिशत पर लाने की जरूरत है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:संसद चले तो पूरा माहौल सुधरेगा: प्रणव