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सेहत का जायका

गुड़ करेला

सामग्री: करेला- 4, गुड़-एक बड़ा चम्मच, नमक-स्वादानुसार, हल्दी-चुटकी भर, लाल मिर्च-दो पीस, सरसों- आधा चम्मच, जीरा-आधा चम्मच, करी पत्ता-5 से 7 पत्तियां।

विधि: करेले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन पर नमक और हल्दी मिला कर भाप में पका लें। स्ट्रीमर नहीं है तो थोड़ा-सा पानी का छींटा देकर ढक कर भाप में पका लें। एक पैन में  थोड़ी सरसों, जीरा, साबुत लाल मिर्च, करी पत्ता डालें।  चटकने के बाद इसमें गुड़ मिला दें। सभी चीजों को मिला लें और करेले के टुकड़ों को डाल दें। एक मिनट के लिए स्टर फ्राई करें।

लाभ: करेला मधुमेह में फायदा पहुंचाता है। यह खून की सफाई भी करता है। कब्ज में भी लाभकारी है। पित्त और कफ की अधिकता में इसका सेवन लाभकारी है।

डिम सम (मोमोज जैसा)

सामग्री: गेहूं या चावल का आटा: डेढ़ कप, गोभी कद्दूकस: 50 ग्राम, गाजर कद्दूकस: 50 ग्राम, शिमला मिर्च बारीक कटी हुई: 50 ग्राम, सेलरी: एक चम्मच कटा हुआ (यदि उपलब्ध है), टोफू (सोयाबीन से बना पनीर) या पनीर: 2 बड़े चम्मच, काली मिर्च पाउडर: आधा चम्मच: आधा छोटा चम्मच, सेंधा नमक: स्वादानुसार

विधि: गेहूं या चावल के आटे में गर्म पानी मिलाएं और उसे मुलायम गूंध लें।  एक बर्तन में शिमला मिर्च, टोफू या पनीर, गोभी और गाजर लें। उसमें काली मिर्च और सेंधा नमक  मिला लें। छोटी-छोटी रोटियां बना कर उसमें इस मिश्रण को भर लें। अब इन लोइयों को अलग-अलग शेप में बंद कर लें। तेज भाप में पांच से 7 मिनट तक  पकाएं। अब इसे टमाटर की चटनी के साथ खाएं। 

लाभ: विभिन्न सब्जियों, अनाज, औषधि और बींस आदि का मिश्रण अच्छा है, जो सेहत के लिए लाभकारी है। गोभी आंतों के लिए अच्छी होती है और गाजर में भरपूर मात्र में विटामिन होते हैं।  सेलरी में विटामिन बी-1, बी-2, बी-जी और सी के अलावा पोटेशियम, फॉलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, सोडियम और अमिनो एसिड होता है। सेलरी में आठ एंटी कैंसर कंपाउड होते हैं। मैदा या रिफाइंड आटा की जगह गेहूं का आटा तुलनात्मक रूप से अच्छा विकल्प है।

सहजन की फली का सूप

सामग्री: सहजन की फली: 4, जीरा: छोटा आधा चम्मच, अदरक: थोड़ा-सा, गर्म पानी: डेढ़ गिलास, गाय का घी: आधा चम्मच, सेंधा नमक: स्वादानुसार

विधि: सहजन का छिलका हल्का-हल्का उतार लें। भाप में 5 से 8 मिनट तक पका लें। भाप में पकी हुई सहजन को पीस लें और छान लें। इससे फाइबर अलग हो जाएगा। एक पैन में घी गर्म कर लें और उसमें जीरा डाल दें। उसके बाद उसमें गर्म पानी और अदरक डाल दे और इसे उबलने दें। अब सहजन की प्यूरी को उसमें मिलाएं। सेंधा नमक मिला कर दो मिनट के लिए धीमी आंच पर पकने दें। गर्म-गर्म पीएं।

नोट: सूप में आधा चम्मच गाय के दूध का घी, एक चुटकी हींग और अदरक की जगह 2-3 लौंग भी ले सकते हैं।

लाभ: सहजन की फली दिखने में रीढ़ की हड्डी की तरह होती हैं। इसे रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद भी माना जाता है। इसे धमनियों की सफाई और मांसपेशियों में राहत पहुंचाने के तौर पर भी जाना जाता है।  इसमें जीवनदायी तत्वों की अधिकता होती है और यह मस्तिष्क के लिए अच्छा माना जाता है।

पंचमेल खिचड़ी

सामग्री: बाजरा: 50 ग्राम, गेहूं: 50 ग्राम, साबुत हरे मूंग: 50 ग्राम, ज्वार: 50 ग्राम, चावल: 22 ग्राम, हींग: चुटकी भर, हल्दी पाउडर: आधा चम्मच, जीरा: एक छोटा चम्मच,  मेथी: एक चम्मच, गाय के दूध का घी: एक चम्मच, गर्म पानी: दो कप, सेंधा नमक: स्वादानुसार

विधि: सभी अनाजों को थोड़ा मोटा पीस कर दो से तीन घंटे पानी में भिगो दें। पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा, मेथी, हल्दी पाउडर और गर्म पानी मिला लें और दो मिनट के लिए उबालें। अब  अनाज को उबले पानी में डाल 15 से 20 मिनट तक पका लें। गर्म-गर्म खाएं।
(द आर्ट ऑफ लिविंग, श्रीश्री पब्लिकेशन ट्रस्ट की नई पुस्तक सत्व, द आयुर्वेदिक कुक बुक से साभार)

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