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बच्चों के लिए विधवा को फ्लैट बेचने की अनुमति

दिल्ली की एक अदालत ने एक विधवा को उसके दो छोटे बच्चों का पालनपोषण करने और उनकी शिक्षा के लिए वह फ्लैट बेचने की अनुमति दे दी जो उसके दिवंगत पति ने खरीदा था।

जिला जज सुनीता गुप्ता ने करोल बाग निवासी बबीता को द्वारका में स्थित उसका एलआईजी फ्लैट बेचने की अनुमति यह कहते हुए दी कि संपत्ति को बेचने में उसके किसी प्रतिकूल हित की उम्मीद नहीं है क्योंकि संपत्ति में उसके बच्चों का भी हिस्सा है। अदालत ने यह भी कहा कि महिला अपने फ्लैट को 24 लाख रूपये से कम कीमत में नहीं बेचेगी।

जिला जज गुप्ता ने कहा मुझे लगता है कि कानूनी जरूरतों जैसे बच्चों की परवरिश, उनकी शिक्षा और करिअर आदि के लिए याचिकाकर्ता वह संपत्ति बेचने के लिए बाध्य है जिसमें उसके दो अवयस्क बच्चों का भी हिस्सा है। इसे देखते हुए उसे संपत्ति बेचने की अनुमति दी जाती है। प्रवीण कुमार नामक व्यक्ति की फरवरी 2009 को मत्यु हो गई थी। उसकी पत्नी बबीता ने अपने पति द्वारा खरीदा गया फ्लैट बेचने की अनुमति मांगी।

महिला ने पति की मौत के बाद यह फ्लैट अपने और अपने दोनों बच्चों के नाम करा लिया था। इस महिला की 11 साल की एक बेटी और 15 साल का एक बेटा है। महिला ने कहा कि बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए उसके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। लेकिन संभावित खरीदार अदालत की अनुमति के बिना फ्लैट खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं।

जज ने संपत्ति बेचने की अनुमति देते हुए कहा कि इसके बाद महिला बच्चों के नाम पर कुछ संपत्ति खरीदे या फिर बच्चों के हिस्से की रकम को बैंक या पोस्ट ऑफिस में सावधि जमा कर दे। बच्चों के वयस्क होने तक यह राशि जमा रहे और फिर उन्हें मिल जाए।

बहरहाल, जज ने महिला को फिक्स्ड डिजॉजिट की रकम का ब्याज लेने और उस राशि का इस्तेमाल बच्चों की परवरिश, पढ़ाई और उनके कल्याण के लिए करने का आदेश दिया।

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  • Web Title:बच्चों के लिए विधवा को फ्लैट बेचने की अनुमति