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महिलाओं का गहनों के लिए चाह बरकरार

सोना चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो जाए, इस पीली चमकीली धातु के गहने हमेशा महिलाओं की पहली चाहत रहे हैं, लेकिन बदलते ट्रेंड और हालात के साथ आज की महिलाएं जरूरत, अवसर और बजट के हिसाब से अपने गहनों का चुनाव करती हैं।

ज्वेलरी डिजाइनर माहिषी लूथरा ने बताया हर महिला सुंदर दिखना चाहती है और इसके लिए वह हरसंभव कोशिश करती है। गहने इसी कोशिश का हिस्सा हैं। आज की महिलाएं भारी भरकम और परंपरागत गहने केवल शादी ब्याह में पहनना पसंद करती हैं। पार्टी और अन्य अवसरों के लिए उनकी पसंद अलग होती है। महंगाई को देखते हुए वह अपने बजट के अनुसार, गहने चुनती हैं।

उन्होंने कहा कि सोने में निवेश को अच्छा निवेश माना जाता है लेकिन ज्यादातर महिलाएं सोने के गहने पहनने के लिए खरीदती हैं और निवेश वाली बात उनके मन में नहीं रहती। जिन घरों में बेटियां हैं, उन घरों की महिलाएं उनकी शादी को ध्यान में रखकर गहने खरीदती हैं।

एमएमटीसी के पैनल में ज्वलेरी डिजाइनर पूजा जुनेजा का कहना है कि हाल के वर्षों में दुल्हन के गहनों को लेकर पसंद काफी बदल गई है। पहले जहां महिलाएं सिर्फ सोने के गहने पसंद करतीं थीं वहीं आजकल सोने के साथ हीरे, कुंदन आदि का काफी चलन है।

ज्वेलरी डिजाइनर राजवी ने कहा जो हंसुली पहले ग्रामीण महिलाओं का गहना मानी जाती थी और बीच में लगभग पूरी तरह उपेक्षित हो गई थी, अब उसकी बहुत मांग है। इसका श्रेय छोटे पर्दे को ही है।

पूजा ने कहा ब्राइडल ज्वेलरी में पोलकी सेट की बहुत मांग हैं पहले शादियों में गहनों का खर्च कुल शादी के खर्च का 20 प्रतिशत होता था वहीं अब यह बढ़कर 40-50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। दुल्हन के अलावा परिवार की अन्य महिलाएं भारी भरकम एवं परंपरागत गहने पहनती हैं। करधन, बाजूबंद जैसे जो गहने पहले लगभग उपेक्षित हो गए थे, उनकी अब फिर से पूछ होने लगी है।

उन्होंने बताया कि आजकल चेंजेबल गहनों की भी बहुत मांग है। इनमें रंगीन नग जड़े होते हैं और उन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि कपड़ों के रंग के हिसाब से इनके नग बदले जा सकते हैं। ऐसे गहनों की कीमत और परंपरागत गहनों की कीमत में अधिक अंतर नहीं होता। इसके अलावा, इनसे कई अवसरों पर काम चलाया जा सकता है।

फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में किरदारों द्वारा पहने गए गहनों से महिलाएं कितना प्रभावित होतीं हैं इस सवाल पर राजवी सिंह ने कहा कि फिल्मों से तो महिलाएं हमेशा से प्रभावित होतीं रही हैं, लेकिन छोटे पर्दे ने अब उनकी पसंद को गहरे तक प्रभावित कर दिया है। विभिन्न धारावाहिकों के महिला किरदारों द्वारा पहने जाने वाले गहने औरतों को खूब लुभा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि विभिन्न चैनलों पर विभिन्न प्रांतों के सीरियल दिखाए जा रहे हैं, इससे महिलाओं को गहनों के नये नये डिजाइन नजर आते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब और बिहार की पष्ठभूमि पर आधारित धारावाहिकों में महिला पात्र स्थानीय परिवेश और आभूषणों में दिखाई देती हैं।

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  • Web Title:महिलाओं का गहनों के लिए चाह बरकरार