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एनडीए/नेवल एकेडमी परीक्षा 2012, मानसिक व शारीरिक मजबूती से सधेगा लक्ष्य

एनडीए/नेवल एकेडमी परीक्षा 2012, मानसिक व शारीरिक मजबूती से सधेगा लक्ष्य

आवेदन की अंतिम तिथि - 30 जनवरी, 2012
लिखित परीक्षा की तिथि - 15 अप्रैल, 2012

आर्मी, नेवी व एयर फोर्स में जाना आज भी ज्यादातर छात्रों का सपना है। इनमें से कुछ अपने जज्बे की बदौलत इस लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं, जबकि कुछ के हाथ निराशा लगती है। ऐसे छात्रों को हताश होने की बजाए थोड़ा मंथन करने की जरूरत है, क्योंकि देश सेवा का यह जज्बा उन्हें कई रूपों में मिलता है। इन्हीं में से एक एनडीए भी है। यूपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित होती है, इसलिए छात्रों के सामने एनडीए की परीक्षा एक सुनहरे अवसर के रूप में सामने आती है। इस परीक्षा में साल दर साल बढ़ती भीड़ से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य जॉब ओरिएंटेड एवं प्रोफेशनल कोर्स की भरमार के बावजूद सैन्य सेवा के प्रति लोगों का आकर्षण कम नहीं हुआ है।

देश के 41 सेंटरों पर 350 रिक्तियों के लिए 15 अप्रैल 2012 को होने वाली परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है तथा अगले कुछ ही दिनों में इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2012 तय की गई है।

कब कर सकते हैं आवेदन
एनडीए के अंतर्गत तीन विंग आर्मी, नेवी व एयरफोर्स को शामिल किया जाता है, इसलिए इसमें तीनों के आवेदन की प्रक्रिया भी अलग-अलग होती है। जैसे कि एनडीए एयरफोर्स व नेवी में आवेदन करने के लिए वही छात्र योग्य हैं, जिन्होंने बारहवीं की परीक्षा फिजिक्स, कैमिस्ट्री व मैथ्स सहित पास की हो। आर्मी विंग के लिए बारहवीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा इसमें उम्र सीमा का भी प्रावधान रखा गया है। साढ़े सोलह से 19 वर्ष की आयु सीमा वाले छात्र ही इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।

इस साल बारहवीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। एनडीए की परीक्षा बारहवीं की परीक्षा के बाद होती है। इसका सबसे अधिक फायदा इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्र ही उठाते हैं, क्योंकि उनका सेलेबस हाल ही में अध्ययन किया हुआ होता है तथा पढ़ने की लय भी बनी हुई होती है।

दो पेपरों पर टिका दारोमदार
एनडीए/नेवल एकेडमी परीक्षा दो चरणों (लिखित और इंटरव्यू) में आयोजित की जाती है। लिखित परीक्षा के अंतर्गत दो प्रश्नपत्र शामिल किए जाते हैं, जिसमें क्रमश मैथमेटिक्स (300 अंक) व जनरल एबिलिटी (600 अंक) को शामिल किया जाता है। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होते हैं। इसका माध्यम हिन्दी व अंग्रेजी, दोनों होते हैं।
एग्जाम स्ट्रक्चर के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि जिन छात्रों की गणित पर  पकड़ अच्छी होती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है, वे आसानी से इस परीक्षा को क्लीयर कर लेते हैं।

मैथमेटिक्स- यह पेपर 300 अंकों तथा ढाई घंटे का होता है। इसमें अंकगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, मेंसुरेशन तथा सांख्यिकी आदि पर प्रश्न आते हैं। इनका स्तर दसवीं से लेकर बारहवीं तक का होता है। प्रश्नों की संख्या करीब120 होती है।

जनरल एबिलिटी- इसमें पेपर के दो भाग होते हैं। पहला भाग अंग्रेजी (200 अंक) तथा दूसरा जनरल नॉलेज (400 अंक) का होता है। इन दोनों के लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित होता है। अंग्रेजी के प्रश्न भाषा की समझ एवं शब्दों के प्रयोग पर आधारित होते हैं। इसमें मुहावरे, विलोम, समानार्थी आदि का प्रयोग किया जाता है।

बायोलॉजी में जहां डिजीज एंड कॉज, एनिमल किंगडम, प्लांट एनाटमी एंड माफरेलॉजी महत्वपूर्ण माने जाते हैं, वहीं कैमिस्ट्री में कैमिकल एनालिसिस, इनऑर्गेनिक कंपाउंड्स, पीरिऑडिक टेबल, कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिकल कैमिस्ट्री, इक्विलिब्रियम अहम है। इसी तरह से फिजिक्स में क्वांटम मैकेनिक्स, मैकेनिक्स, थर्मोडाइनेमिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म से अधिक सवाल पूछे जाते हैं।

पर्सनल इंटरव्यू भी अहम
लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद व्यक्तित्व परीक्षण के लिए बुलावा पत्र भेजा जाता है। इसमें पर्सनेलिटी टेस्ट, वर्बल व नॉन वर्बल टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन, साइकोलॉजी टेस्ट शामिल हैं। साथ ही करेंट अफेयर्स, बुद्धि परीक्षण, शब्द संयोजन तथा विषय विशेष पर प्रतिक्रिया भी आंकी जाती है।

सेलेबस पर रहें फोकस्ड  
अभी नोटिफिकेशन हुआ है। अब से लेकर परीक्षा होने तक करीब पांच महीने का समय शेष है, इसलिए छात्र सबसे पहले सेलेबस पर अपना पूरा ध्यान फोकस करें। मैथमेटिक्स, इंग्लिश, जनरल नॉलेज, कैमिस्ट्री, ज्योग्राफी, फिजिक्स, बायोलॉजी आदि विभिन्न विषयों में आने वाले महत्वपूर्ण टॉपिक्स का चयन कर उन्हें अच्छी तरह कंठस्थ करें। जहां-जहां दिक्कत आ रही है, उसे नोट करते जाएं।

जनरल नॉलेज के लिए मनोरमा ईयर बुक अथवा अन्य किसी वार्षिकी का सहारा लें तथासोशल स्टडी व साइंस के लिए एनसीईआरटी की किताबों से रिवीजन करें। अंग्रेजी सेक्शन में ग्रामर की प्रैक्टिस अधिक करें।

मैथ्स की कमी अन्य पेपरों से पूरी करें
एनडीए की परीक्षा में सबसे अधिक दिक्कत मैथ्स के सेक्शन में आती है। पहले इसका स्तर दसवीं था, लेकिन अब यह बारहवीं के सेलेबस को भी कवर करता है। जिन छात्रों ने बारहवीं में गणित पढ़ा है, उनके लिए गणित के सवाल हल करना आसान होता है, लेकिन जिन छात्रों की बारहवीं में कॉमर्स स्ट्रीम है, उनके लिए खासी दिक्कतें पेश आती हैं। ऐसे में छात्र पहले टॉपिक्स चुन लें। वह मान कर चलें कि गणित में यदि कोई कमी रह भी जाती है तो उसकी कमी वह दूसरे सेक्शन से पूरी कर लेंगे, जबकि गणित के रिवीजन के लिए अलग से प्लानिंग कर लें। इस क्रम में सारे नहीं, कुछ चुनिंदा टॉपिक का चयन कर अच्छे से रिवीजन कर लें। जो भी जरूरी फॉमरूले हैं, उन्हें अच्छे से देख कर ही परीक्षा देने जाएं। गणित के संदर्भ में यह प्लानिंग अभी से न कर अंतिम दौर में ही करें।

सैंपल अथवा पुराने पेपर हल करें
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए सैंपल अथवा पुराने प्रश्न पत्रों को हल करने की विधि काफी कारगर होती है। इसका भरपूर फायदा छात्रों को मिलता है। इसे हल करते समय का ध्यान रखें और नियत समय के दौरान इन्हें हल करने का प्रयास करें। जब परीक्षा को एक महीना शेष रह जाए तो प्रतिदिन एक सैंपल पेपर अवश्य हल करें। इससे प्रश्नों का स्वरूप तो आपको पता चलेगा ही, साथ ही आपका टाइम मैनेजमेंट भी आसानी से हो जाएगा। कम से कम चार साल पुराने प्रश्न पत्रों को हल करने से आपकी सब्जेक्ट पर अच्छी पकड़ बन सकती है। जब एग्जाम के 15 दिन शेष रह जाएं तो प्रतिदिन दो सैंपल पेपर हल करने की आदत डालें।

शुरू से ही स्पीड मेंटेन करें
इस परीक्षा में छात्रों को ढाई घंटे में करीब 120 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं, इसलिए स्पीड बहुत मायने रखती है। यह स्पीड तैयारी के दौरान से ही मेंटेन करनी पड़ती है। सैंपल पेपर हल करने से लेकर एग्जाम हॉल तक छात्रों को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। प्रश्न पत्रों को हल करते समय यदि शुरू से ही तत्परता नहीं दिखाई गई तो आगे चल कर समय की कमी सामने आती है और कुछ प्रश्न छूट भी जाते हैं।

निगेटिव मार्किंग से रहें सावधान
इसमें गलत उत्तर दिए जाने पर निगेटिव मार्किग का प्रावधान है, इसलिए उत्तर देते समय विशेष सावधानी बरतें। जिन प्रश्नों को लेकर आपके मन में दुविधा है, उसे छोड़ कर आगे बढ़ जाएं। बाद में यदि समय बचता है तो इन प्रश्नों को दोबारा हल करने की कोशिश कर सकते हैं। यदि आपका टाइम मैनेजमेंट अच्छा है तो अंतिम समय में आपके पास 10-15 मिनट का समय अवश्य बचेगा। इस समय को आप छूटे हुए प्रश्नों को हल करने में खर्च कर सकते हैं।

पहले से करें फिजिकल की तैयारी
अक्सर छात्र फिजिकल की तैयारी परीक्षा के कुछ दिन पूर्व से करते हैं। इससे उनकी बाकी की दिनचर्या जैसे लिखित परीक्षा की तैयारी, बारहवीं बोर्ड की तैयारी तथा अन्य चीजें प्रभावित होती हैं। यदि वे अभी से इसकी तैयारी आरम्भ कर दें तो इसका भरपूर फायदा उन्हें मिलेगा। खासकर इस साल बारहवीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्र विशेष सावधानी बरतने की कोशिश करें, क्योंकि उन्हें एक साथ कई लक्ष्य हासिल करने हैं।

कट ऑफ का तानाबाना
एनडीए की कटऑफ के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि हर साल यह बदलता रहता है। यदि छात्र ने सभी विषयों में 40 प्रतिशत हासिल किया है तो उसको अवसर मिल सकता है। छात्र द्वारा हासिल स्कोर की वेलिडिटी उसी एग्जाम के लिए होती है। वह अगले एग्जाम या अगले साल के लिए मान्य नहीं है।

ऑनलाइन आवेदन व अधिक जानकारी के लिए निम्न वेबसाइट का सहारा लें-
www.upsconline.nic.in
www.upsc.gov.in
www.nda.nic.in

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