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मोमबत्ती उत्पादन घर बैठे रोशन करें करियर

मोमबत्ती उत्पादन घर बैठे रोशन करें करियर

मोमबत्ती उत्पादन एक ऐसा काम है, जिसे घर बैठ कर घरेलू उद्योग की तरह भी किया जा सकता है और बड़े स्तर पर फैक्टरी लगा कर भी। लेकिन किसी भी तरह का काम शुरू करने से पहले मोमबत्ती उत्पादन का प्रशिक्षण लेना जरूरी है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं शैलेंद्र नेगी

रंग-बिरंगी और खूबसूरत मोमबत्तियां अपनी सुंदरता और झिलमिल रोशनी से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। यही वजह है कि मोमबत्ती उद्योग ग्रामीण स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुका है। इस क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं का तेजी से विकास हो रहा है। आप भी इससे जुड़ कर अपना करियर बना सकते हैं। यह करियर दो रूपों में बनाया जा सकता है- एक किसी मोमबत्ती उद्योग में नौकरी करके और दूसरा खुद का व्यवसाय शुरू करके।

क्या है मोमबत्ती उत्पादन
मोमबत्ती उत्पादन एक क्रिएटिव काम है। एक अच्छा आर्टिस्ट अच्छा मोमबत्ती उत्पादक बन सकता है। मोमबत्ती उत्पादन में डिजाइन के साथ कलर कॉम्बिनेशन की समझ होना जरूरी है, पर इसकी मैन्युफैक्चरिंग को समझने के लिए ट्रेनिंग लेना जरूरी है।

मोमबत्ती उत्पादन की खूबी
यह एक ऐसा घरेलू उद्योग है, जिसे कम पूंजी में भी शुरू किया जा सकता है। इसमें मैन पावर की भी ज्यादा जरूरत नहीं है। इसे आप परिवार के सहयोग से शुरू कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें पूंजी डूबने का खतरा नहीं के बराबर है। इसके लिए आपको बहुत बड़ी जगह की भी जरूरत नहीं है। यह काम घर के किसी कोने में भी शुरू किया जा सकता है। पहले मोमबत्तियां सफेद और लाल रंग की होती थीं, जिन्हें बर्थडे, क्रिसमस और चर्च में जलाया जाता था, लेकिन अब ट्रेंड बदल चुका है। आज धरने-प्रदर्शनों से लेकर घर के ड्राइंगरूम और आलीशान होटलों में भी सजावट के लिए खुशबूदार मोमबत्तियों का उपयोग होने लगा है। आजकल बाजार में तरह-तरह की मोमबत्तियां मौजूद हैं, जैसे मेडिकेटिड मोमबत्ती, रोमांस इनहान्सिंग मोमबत्ती, अरोमा मोमबत्ती, फ्लोटिंग मोमबत्ती आदि अनगिनत उत्पाद रोज बाजार में लॉन्च हो रहे हैं।

सरकारी सहायता
मोमबत्ती उत्पादन लघु उद्योग की श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों का खादी ग्रामोद्योग इसे बढ़ावा देने के लिए नए-नए प्रोत्साहन और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती रहता है। एक सर्वे के अनुसार भारत में मोमबत्ती का बाजार लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। नए उद्यमियों को सरकार हर तरह की सहायता देती है। महिलाओं, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति वर्ग से जुड़े लोगों को ऋण में 30 प्रतिशत तक छूट भी मिलती है।

कच्चा माल
कच्चे माल के रूप में दो चीजों की जरूरत पड़ती है़, सूत की बत्ती और मोम। सूत की बत्ती किसी भी अच्छे बाजार में मिल जाएगी, वहीं मोम के लिए किसी रिफाइनरी या पास के बाजार में जाना पड़ेगा। मोमबत्ती पैराफीन मोम से बनती है। पैराफीन कच्चे पेट्रोल को रिफाइन करने से मिलता है। इसके अलावा जैल मोमबत्ती बनाने के लिए जैल, खुशबूदार मोमबत्ती के लिए कुछ खास तरह के परफ्यूम और इन्हें सजाने के लिए पत्थर, मोती, सितारे और थ्रेड, वैक्स पिघलाने के लिए बड़े बर्तन और चूल्हा और मोमबत्ती को विभिन्न आकारों में ढालने के लिए सांचों की जरूरत होती है। 

शुरुआती खर्च
मोमबत्ती उद्योग कुटीर उद्योग है, इसलिए इसे कम पूंजी में भी शुरू किया जा सकता है। आप दस हजार से एक लाख रुपये तक की पूंजी में इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।

कम निवेश में ज्यादा मुनाफा
सक्सेस स्टोरी/रचना टंडन
डायरेक्टर, आर सीज कैंडल्स

रचना पिछले पांच सालों से मोमबत्ती उत्पादन के क्षेत्र में हैं। रचना कहती हैं, मैं बहुत आर्टिस्टिक हूं, इसलिए मोमबत्ती उद्योग में हूं। वे भावुक होकर कहती हैं कि सबसे पहले मैंने एक पारिवारिक दोस्त के यहां पर शादी में गिफ्ट पैक किया था, जिसे दोस्तों ने खूब सराहा और वही मेरी जिंदगी का टर्निग पॉइंट साबित हुआ।

दरअसल, दोस्तों ने इतना सराहा कि फिर मैंने गिफ्ट पैकिंग, चॉकलेट मेकिंग और कैंडल मेकिंग में हाथ आजमाया। फिर मैंने कैंडल मेकिंग की ट्रेनिंग ली।

मैं कैंडल्स को लेकर हमेशा पेशनेट थी, इसलिए मुझे इनोवेटिव कैंडल्स बनाना पसंद है। वैसे तो मैं हर सीजन में मोमबत्ती बनाती हूं, लेकिन त्योहार और नए साल के मौके पर इनकी मांग ज्यादा होती है। मेरी गिफ्ट पैकिंग की खासियत यह है कि मेरे गिफ्ट में चॉकलेट और खूबसूरत कैंडल्स के साथ सुंदर गिफ्ट पैक का तड़का होता है। इसे एक अच्छे गिफ्ट के तौर पर ग्राहकों द्वारा खूब पसंद किया जाता है। हालांकि मेरा अपना कोई शोरूम नहीं है, इसके बावजूद मेरे बनाए हुए गिफ्ट्स की अच्छी-खासी मांग है।

शुरुआती दौर में सारे काम खुद ही करती थी, लेकिन अब अपने अलावा पांच लोगों को भी रोजगार दिया है।  कैंडल मेकिंग का अधिकतर काम हाथ से ही होता है। मैंने कैंडल मेकिंग को 10 हजार रुपयों से शुरू किया था, लेकिन अब अच्छा-खासा मुनाफा हो रहा है। अगर आप अच्छी-खासी मात्र में प्रोडक्शन करते हैं तो गत्ते या प्लास्टिक की पैकिंग के साथ आप इन्हें बाजार में बेच सकते हैं। इससे मुनाफे में बढ़ोत्तरी होगी।

यह कमाई के लिहाज से भी काफी फायदे का सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें कम निवेश में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।

फैक्ट फाइल
कमाई की संभावना

गांव हो या शहर, हर जगह मोमबत्ती रोजमर्रा की जरूरत है। मोमबत्ती निर्माण का कोर्स करने के बाद अभ्यर्थी खुद का व्यवसाय कर सकता है। यही नहीं, बड़ी डिजाइनर कंपनियों में आप मोमबत्ती डिजाइनर बन सकते हैं। शुरुआती दौर में आप पंद्रह से बीस हजार कमा सकते हैं।

शैक्षिक योग्यता
कोर्स के लिए कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है और आयु सीमा कम से कम 15 साल है।

कैसा प्रशिक्षण
मोमबत्ती उत्पादन (केंडल मेकिंग) में डिप्लोमा तीन महीने से एक साल की अवधि का होता है। प्रशिक्षण के दौरान मोम बनाना, ढांचे का चयन, लौह शीट में धागा डाल कर मोम ढालने का तरीका सिखाया जाता है। इसी कोर्स में डिजाइनर मोमबत्तियां बनानी सिखाई जाती हैं। इसमें मोमबत्ती निर्माण की कला का प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार की तरफ से व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत उद्यमियों को विभिन्न उद्योगों में सशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। विज्ञापन के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे स्वरोजगार की ओर अग्रसर होकर अपना उद्योग स्वयं स्थापित कर सकें।

संस्थान

मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, देहरादून
वुलन होजरी ट्रेनिंग सेंटर, लखनऊ
मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, राजघाट, नई दिल्ली
डॉं राजेन्द्र प्रसाद मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, पटना
खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, बाराबंकी
खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, वीरापंडी

इनके अलावा देश के कई अन्य प्रशिक्षण केंद्र हैं। अधिक जानकारी के लिए  www.kvic.org पर लॉगऑन करें।

बिना प्रबंधन के सफलता संभव नहीं
एक्सपर्ट व्यू/उमेश
एडवाइजर, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री

बदलते समय में युवाओं के सामने सही करियर का चुनाव करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती है अपने मन-मुताबिक काम मिलना। आज देश में एक से बड़ी एक मल्टीनेशनल कंपनियां हैं, लेकिन उनमें नौकरी करके भी युवाओं को संतोष नहीं मिलता, इसलिए वे अपना व्यवसाय शुरू करने में विश्वास करने लगे हैं। अधिकतर युवा जोश में आकर अपना व्यवसाय शुरू कर लेते हैं, लेकिन बाजार की समझ न होने के कारण असफल हो जाते हैं। छोटे निवेश के साथ शुरू किए गए व्यवसाय के साथ उतना जोखिम नहीं होता। मोमबत्ती उद्योग में इस लिहाज से जोखिम कम है। अगर आप अच्छे आर्टिस्ट हैं और क्रिएटिविटी आपका पैशन है तो आप उद्योग में सफल हो सकते हैं। इस उद्योग में बड़ी प्रतियोगिता है, इसलिए हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की चुनौती रहती है। अगर आप यह काम छोटे स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो शुरुआती दौर में मात्र 5 हजार से इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है। आप हर दिन मोमबत्ती बना कर इन्हें स्थानीय बाजार या कस्बों में लगने वाले हाट-बाजार में भी बेच सकते हैं। कोई भी व्यवसाय चाहे छोटा हो या बड़ा, बिना प्रबंधन के संभव नहीं है, इसलिए आपके अंदर अच्छे प्रबंधक का गुण होना जरूरी है।

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