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आसान नहीं इंसेफेलाइटिस से जंग को धन मिलने की राह

निज संवाददाता गोरखपुर। इंसेफेलाइटिस से जंग को शासन से धन मिलने की राह आसान नहीं दिख रही है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिए गोरखपुर-बस्ती मण्डल से भेजे गए धन के प्रस्ताव को स्वीकृत करने के पहले शासन ने दोनों मण्डलों के सभी जनपदों के गांवों के सत्यापन का निर्देश दिया है। गोरखपुर से 45 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

सत्यापन के लिए शासन ने जो 14 बिन्दु तैयार किए हैं, उन्हें देखकर दोनों मण्डलों के सभी पंचायतीराज कार्यालय के अफसरों और कर्मचारियों को पसीना छूट रहा है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों की सांस इसलिए भी फूल रही है, क्योंकि सत्यापन की जिम्मेदारी दूसरे मण्डलों के उपनिदेशक पंचायत (डीडी पंचायत) को सौंपी गई है। इन अफसरों को 9 दिसम्बर तक सत्यापन कार्य पूरा कर लेना होगा, क्योंकि शासन ने हर हाल में 10 दिसम्बर तक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

प्रमुख सचिव पंचायती राज ने सभी डीडी पंचायत को दोनों मण्डलों के प्रत्येक जिलों के इंसेफेलाइटिस प्रभावित अलग-अलग विकास खण्डों के कम से कम 5-5 गांवों का भ्रमण कर सत्यापन करने को कहा है। सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की कोई कमी न मिले इसलिए पंचायत के अफसरों एवं कर्मचारियों ने तैयारी तो शुरू कर दी है, लेकिन जिन-जिन बिन्दुओं का सत्यापन होना है उनमें से कितने बिन्दुओं में पास होंगे इसको अंदाजा उन्हें पहले से है। बताया जा रहा है कि जिन बिन्दुओं का सत्यापन होना है, उनमें से कई ऐसे है जिनकी प्रगति ही यहां शून्य है।

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