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मोबाइल यूजर कहीं हो न जाएं लूजर

 मैनपुरी, कार्यालय संवाददाता। मोबाइल यूजर सावधान हो जायें। अगर मोबाइल पर अधिक बतियाते हैं तो ये आपके लिए नुकसान दायक है। मोबाइल पर अधिक देर तक बात करने वाले यूजर्स में गंभीर बीमारियों के लक्षण पाये गये हैं। डाक्टरों ने मोबाइल यूजर्स में बढ़ती इन बीमारियों को बेहद गंभीर माना है और सलाह दी है कि अगर मोबाइल का यूज कम नहीं किया तो आगे चलकर कैंसर जैसी घातक बीमारियां शरीर में आसानी से शरीर में घर कर सकती हैं।

केस नम्बर एक-21 वर्षीय रोहित मथुरा के कॉलेज में एमबीए कर रहा है। अभी जब वो छुप्ती पर घर आया तो उसके कानों में तेज दर्द शुरू हो गया। जब उसने जिला हॉस्पीटल के पीएनटी विभाग में डाक्टर को दिखाया तो डाक्टर ने बताया कि ये समस्या मोबाइल पर अधिक बात करने के कारण हुई है। रोहित के कान बहने शुरू हो गये थे। केस नम्बर दो --प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले परमीत को अक्सर सिर में दर्द की शिकायत रहती है।

जब उन्होंने डाक्टर से संपर्क किया तो डाक्टर ने बताया कि अधिक फोन सुनने के कारण उन्हें ये दिक्कत हुई है। केस नम्बर तीन-आढ़त की दुकान चलाने वाले दुर्गेश के कानों में छोटे-छोटे दानें हो गये हैं। डाक्टर ने उन्हें बताया कि अधिक देर तक बात करने के कारण उन्हें इन्फेक्शन हुआ है। केस नम्बर चार--मेडीकल रिप्रेजेन्टेटिव अमित को भी कान की समस्या है। उसे दाहिनी कान में जबरदस्त जोर रहता है अब वो बांये कान से मोबाइल सुनता है। डाक्टर ने उसे मोबाइल पर बात न करने की सलाह दी है। नगर में इस तरह के सैकड़ाें मामले आये दिन डाक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में इस तरह के मरीजों के आने से डाक्टर भी हैरान हैं। डाक्टरों का कहना है कि मोबाइल से होने वाली बीमारियों की चपेट में सबसे ज्यादा 18 से 35 साल के बीच के लोग हैं। मोबाइल पर घंटों बात करने वालों में कान के साथ-साथ सिरदर्द और त्वचा संबंधी दिक्कतें भी देखने को मिल रही हैं।

ईएनटी स्पेशलिस्ट डा. जनार्दन बाबू का कहना है कि मोबाइल से निकलने वाली घातक किरणें सेहत पर बुरा असर डालती हैं। क्योंकि इन मोबाइलों से घातक रेडियेशन प्रवाहित होता है जो सबसे ज्यादा बुरा असर मानव के सिर पर डालती हैं। इसके अलावा ये रेडियेशन रक्त संचार की प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।

रेडियेशन से बचने के लिए मोबाइल का कम इस्तेमाल करें मैनपुरी।

मोबाइल के रेडियेशन से बचने के लिए मोबाइल का कम से कम यूज करना चाहिए। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर बने उच्च स्तरीय कंपनियों के मोबाइल यूज करने चाहिए। चाइना के बने हुये मोबाइलों से सबसे अधिक रेडियेशन निकलता है जो शरीर को सीधे नुकसान पहुंचाता है। मोबाइल में हैंडफ्री का एक ऑप्शन होता है बात करने के लिए इसका उपयोग करें। इससे आपके कान और सिर पर रेडियेशन कम असर डालेगा। हेडफोन भी नहीं है कारगर

कुछ लोग मानते हैं कि हैडफोन के इस्तेमाल से दिक्कत नहीं होती है लेकिन ऐसा मानना पूरी तरह से गलत है क्योंकि हैड फोन के साथ मोबाइल से निकलने वाली आवाज सीधा कान पर असर डालती है। साथ ही इससे रेडियेशन में कोई कमी नहीं आती है और कान को सीधा नुकसान पहुंचाती है। गर्भ में पल रहे बच्चों पर भी पड़ता है मोबाइल किरणों का असर मैनपुरी। छोटे बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखना चाहिए। क्योंकि डाक्टरों का कहना है कि मोबाइल से निकलने वाले घातक रेडियेशन बच्चों के नाजुक शरीर पर जल्दी बुरा असर डालते हैं। साथ ही गर्भवती महिलायें अगर अधिक फोन पर बात करती हैं तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चों पर भी पड़ता है।

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