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शिक्षण कार्यं में रुचि न लेने पर शिक्षा मित्र की

मैनपुरी, हिन्दुस्तान संवाद। शिक्षण कार्य में रुचि न लेना एक शिक्षामित्र को महंगा पड़ गया। ग्राम शिक्षा समिति के प्रस्ताव पर डीएम ने मुहर लगाई तो बीएसए ने उसे सेवा से बाहर जाने का पत्र थमा दिया। शिक्षा मित्र के विरुद्ध प्रधानाध्यापक ने भी अभद्रता किये जाने की शिकायत की थी। घिरोर विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय नगला गजेन्द्र पर हरेन्द्र सिंह शिक्षा मित्र के पद पर तैनात थे। हरेन्द्र पिछले कई महीनों से शिक्षण कार्य में रूचि नहीं ले रहे थे।

जब प्रधानाध्यापक कृष्णपाल सिंह ने हरेन्द्र से विद्यालय समय से आने तथा शिक्षण कार्य में रूचि लेने की बात कही तो शिक्षा मित्र हरेन्द्र ने प्रधानाध्यापक के साथ अभद्रता कर डाली जिसकी शिकायत प्रधानाध्यापक ने बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी से की। बीएसए ने एबीएसए घिरोर से मामले की जांच करायी। जांच में एबीएसए ने बताया कि हरेन्द्र ने वास्तव में प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट की है। ग्राम शिक्षा समिति ने हरेन्द्र की सेवा समाप्ति के लिए प्रस्ताव तैयार कर बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराया। जिसे बीएसए द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। डीएम रणवीर प्रसाद ने हरेन्द्र को उपस्थित होने के लिए कहा लेकिन हरेन्द्र अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। डीएम ने ग्राम शिक्षा समिति द्वारा भेजे गये सेवा समाप्ति के प्रस्ताव पर अंतिम मोहर लगा दी। डीएम ने सहमति की मोहर लगा दी। डीएम की सहमति के बाद बीएसए ने तत्काल प्रभाव से हरेन्द्र की सेवा समाप्त कर दी है।

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