DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तस्करी में नेपाली महिला को दस साल की सजा

लखीमपुर-खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर चरस की तस्करी में लिप्त एक नेपाली महिला को एडीजे वाणी रंजन अग्रवाल की अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसे एक लाख रुपया जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। गिरफ्तारी के बाद से ही ये आरोपी महिला लगातार जेल में है। उसके कब्जे से एक साल पहले ही एसएसबी ने दस किलो चार सौ ग्राम चरस बरामद कर उसे जेल भेजा था। सहायक शासकीय अधिवक्ता रामस्वरुप वर्मा व रमाकांत नीरज ने बताया कि चेक पोस्ट गौरीफंटा बार्डर पर 3 अप्रैल 2010 को लगभग दो बजे एसएसबी के एसआई अजीत कुमार मंढाल अपने हमाराहियों के साथ चेकिंग कर रहे थे।

तभी नेपाल की ओर से आ रही एक महिला को संदिग्ध मानते हुए उसकी तलाशी महिला एसआई परगना नियावत ने ली और महिला के कब्जे से दस किलो चार सौ ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ करने पर महिला ने अपना नाम हीरा पुन्न पत्नी आईटे पुन्न निवासी भुईंयाबाड़ी वार्ड नंबर 7 थाना भुईंयाबाड़ी जिला शाल्यान (नेपाल) बताया। अभियोजन ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान एसएसबी के एसआई अजीत कुमार मंढाल, टीना देवी, एसआई इंद्रभानु सिंह की गवाही अदालत में दर्ज कराई। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे वाणी रंजन अग्रवाल ने आरोपी महिला क ो चरस तस्करी का दोषी पाया और उसे दस साल की सजा सुनाई। साथ ही उसको एक लाख का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:तस्करी में नेपाली महिला को दस साल की सजा