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खोली जाए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती

बरेली। कार्यालय संवाददाता। सरकारी कामकाज में आउटसोर्सिग बंद कर फौरन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए। केंद्र सरकार की तरह वेतन बढ़ाने के बारे में जल्द फैसला करना होगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए दोहरे मापदंड बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह विचार उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे ने लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन में कर्मचारियों की बैठक के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नई भर्ती करने के बजाय आउटसोर्सिग की नीति अपना रही है। आउटसोर्सिग के शासनादेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन उच्चीकरण का लाभ जनवरी 2006 से दिया है। राज्य सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को यह लाभ वर्ष 2010 से दिया है जबकि अन्य वर्गो को 2006 और 2008 से लाभ दिए जा रहे हैं। यह दोहरा मापदंड है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कर्मचारियों को 10 वर्ष, 18 वर्ष और 26 वर्ष की सेवा के बाद एपीसी का लाभ मिलना चाहिए। श्री दुबे ने दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी अब उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो कर्मचारी इसका हर स्तर पर विरोध करेंगे। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरके सागर, जिला मंत्री प्रेमशंकर, बहोरन लाल, सत्यवती ठाकुर, अनिल कुमार सिंह, जगदेवी, शशि किरन, हरिशंकर, नरेश पाल सिंह, दिनेश चंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

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