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वाराणसी कार्यालय संवाददाता। नक्सल प्रभावित इलाकों में पनपे धूल के फूल दरोगा की सीधी भर्ती परीक्षा देने के लिए तैयार हो गए। पुलिस विभाग की ओर से चलाए गए बीस दिनी कैप्सूल कोर्स का सोमवार को एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में समापन हो गया। लगभग तीन घंटे देर से शुरू हुए कार्यक्रम में डीआईजी रामकुमार ने छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र बांटे। कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए वाराणसी पुलिस ने नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं के लिए 20 दिवसीय कैप्सूल कोर्स की शुरुआत की थी। लिखित परीक्षा के माध्यम से चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर के 52 युवाओं का चयन किया गया। इन्हें दरोगा की सीधी भर्ती परीक्षा के लिए 20 दिनों तक नि:शुल्क कोचिंग दी गई। सोमवार को आयोजित समापन समारोह में पांच छात्राओं और 47 छात्रों को डीआईजी रामकुमार ने प्रशस्ति पत्र दिए। कोर्स के लिए चुने गए 52 युवाओं में लगभग 70 फीसदी ने सफलता पाई। परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मझगाईं (चंदौली) के संदीप ने कहा कि घर से चलते वक्त हम सामान्य युवा थे। मगर अब मन में हौसला है कि हम परीक्षा में जरूर सफल होंगे। उसने कहा कि तमन्ना है दरोगा बनकर अपने क्षेत्र को नई दिशा दिखाने की। रितु कुमारी और किरन ने बताया कि उनके इलाके अति पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते हैं। 20 दिन की इस ट्रेनिंग ने उनमें खुद को साबित करने का जज्बा भरा है। सभी अभ्यर्थियों ने ट्रेनिंग संयोजक प्रभुदयाल की खूब प्रशंसा की। आईजी रेंज आरपी सिंह ने बताया कि अगली योजना दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा की ट्रेनिंग देने की है। उन्होंने कहा कि 20 दिवसीय कार्यक्रम की सफलता नक्सल प्रभावित इलाकों में जनता की बदलती सोच की परिचायक है।

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  • Web Title:दरोगा बन अपने इलाके को देंगे नई दिशा