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विंध्याचल मंदिर में चरण छूकर पूजा करने पर लगी रोक हटी

51 शक्तिपीठ में एक उत्तर प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल मंदिर में जिला प्रशासन ने पण्डों से दिन प्रतिदिन हो रहे विवाद को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करके चरण छूकर दर्शन पूजन से लगा प्रतिबंध हटा दिया है। प्रशासन के इस फैसले से श्रद्धालुओं को सहूलियत तो हुई लेकिन इसी के साथ उनकी परेशानियां भी बढ़ गई है।
 
असल में गर्भगृह में चरण छूकर दर्शन पूजन को लेकर विंध्याचल में पण्डों और जिला प्रशासन के बीच बराबर विवाद होता है। कभी- कभी तो मामला मारपीट तक पहुंच जाता था। पण्डे जिला प्रशासन पर प्रतिमा को स्पर्श कराने का आरोप लगाते हैं। उनकी दबंगई के आगे जिला प्रशासन बराबर पीछे हटता रहा है। प्रतिबंध के बावजूद पण्डे अपने खास यजमानों को चरण छुआ कर मोटी रकम वसूलते रहे हैं। इसी को लेकर रोज तकरार होता था।

मंदिर में मां के पैर छूकर पूजन करने को लेकर जिलाधिकारी शंकुतला रामधर ने पण्डों के पदाधिकारियों तथा जिला के सभी आला अधिकारियों के साथ बैठक करके यह निर्णय लिया। जिलाधिकारी ने विन्ध्याचल मण्डल के आयुक्त एल वेंकेटेश्वर लू, उपपुलिस महानिरीक्षक प्रभात कंमार को विशेष रुप से आमंत्रित किया था।

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