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FDI पर सर्वदलीय बैठक बुलाये सरकार: सुषमा स्वराज

लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार को सोमवार को सुझाव दिया कि उसे खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मसले पर बुधवार की सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाकर सियासी पार्टियों को अपने मौजूदा रुख से अवगत कराना चाहिये और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सुननी चाहिये।
    
सुषमा ने यहां हवाई अड्डे पर बताया कि उन्होंने यह सुझाव वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से फोन पर हुई चर्चा के दौरान दिया। उन्होंने नजदीकी शहर देवास के लिये रवाना होने से पहले बताया कि हवाई जहाज से इंदौर आते समय मुझे मुखर्जी ने फोन करके कहा कि वह चाहते हैं कि सात दिसंबर से सदन को चलने दिया जाये।
    
वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि उन्होंने मुखर्जी से पूछा कि सरकार ने पिछली सर्वदलीय बैठक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मसले को लेकर विपक्षी दलों की मांगों पर क्या निर्णय किया। उन्होंने बताया कि जवाब में मुखर्जी ने मुझसे कहा कि वह इस निर्णय से सदन को अवगत करा देंगे। इस पर मैंने उन्हें सुझाव दिया कि बेहतर होगा कि सरकार इस फैसले की सदन में घोषणा से पहले बुधवार की सुबह साढ़े नौ बजे सर्वदलीय बैठक बुलाकर अपना निर्णय सुनाये और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सुने।
    
सुषमा के मुताबिक उन्होंने वित्त मंत्री से कहा कि अगर एफडीआई मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर संबंधित फैसले से सियासी दलों को अवगत कराया जाता है और पार्टियां इससे सहमत होती हैं तो सरकार सदन में शांति से इस निर्णय की घोषणा कर सकती है। सुषमा ने कहा कि सरकार के सीधे सदन में अपना निर्णय सुनाने से फिर से शोर शराबा हो सकता है, क्योंकि इस स्थिति में सियासी दलों को इस फैसले की पहले से कोई जानकारी नहीं होगी।
    
सुषमा के मुताबिक मुखर्जी ने एफडीआई मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने के उनके सुझाव को अच्छा बताते हुए इस पर सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि हम सदन जरूर चलाना चाहते हैं, लेकिन हमने दो ही मांगें की हैं कि या तो सरकार खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने के फैसले को वापस ले या हमारा स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करे।
    
लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता ने कहा कि एफडीआई मसले पर पिछली सर्वदलीय बैठक यह कहते हुए खत्म की गयी थी कि सियासी दलों की सारी बात सुन ली गयी है और इस विषय में प्रधानमंत्री से चर्चा के बाद हमें उनके मत से अवगत कराया जायेगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। एक सवाल पर सुषमा ने इस बात से इंकार किया कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर उठे बवाल के बाद महंगाई और काले धन के अहम मुद्दे संसद में पीछे छूट गये हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार से पहले ही मांग कर चुके हैं कि वह एफडीआई सीमा बढ़ाने के फैसले को वापस लेकर इन मुद्दों पर चर्चा शुरू करे। 

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  • Web Title:FDI पर सर्वदलीय बैठक बुलाये सरकार: सुषमा स्वराज