DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नहीं रहा हिन्दी सिनेमा का ‘गाइड’

रुपहले परदे पर कई दशक तक प्रेम और रोमांस को नई पहचान दिलाने वाले बॉलीवुड के सदबहार अभिनेता देव आनंद का रविवार तड़के लंदन में निधन हो गया। उन्होंने भारतीय समयानुसार तड़के 3.30 बजे अंतिम सांस ली। आखिरी पलों में उनके बेटे सुनील साथ में थे। बीते कुछ दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे और मेडिकल चेकअप के लिए लंदन आए हुए थे। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत जानी-मानी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

88 साल के देव साहब जिंदगी के आखिरी पलों में भी फिल्मों में सक्रिय रहे। देवानंद का पार्थिव शरीर कोर्नर सर्विस के बाद सोमवार को मिल जाएगा। उनका पोस्टमार्टम नहीं होगा। उनका अंतिम संस्कार यहां मंगलवार या बुधवार को होगा।

अविभाजित पंजाब के गुरदासपुर जिले में 26 सितंबर 1923 को वकील पिशोरीमल आनंद के घर पैदा हुए धरमदेव आनंद ने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की। वहां से वह घर लौटे और बाद में मायानगरी चले गए।
मुंबई में उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत सैन्य सेंसर कार्यालय से की।

प्रभात टॉकीज की फिल्म ‘हम एक हैं’ से उन्हें फिल्म में अभिनय का मौका मिला। बाद के दिनों में उन्होंने कई हिट फिल्में दी और नंबर वन अभिनेता बन गए। सुरैया के साथ उनकी जोड़ी विशेष रूप से सराही गई। लेकिन सुरैया की नानी के विरोध के कारण दोनों का विवाह नहीं हो सका। देवानंद ने कल्पना कार्तिक से शादी की थी। सिनेमा में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें 2001 में पद्मभूषण और 2002 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नहीं रहा हिन्दी सिनेमा का ‘गाइड’