DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नजरिया बदलने से मिली सफलताः जोकोविच

विश्व के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने कहा है कि पिछले कई वर्षों से उनके खेल की तकनीक में कोई बदलाव नहीं आया है लेकिन नजरिया बदलने से ही उन्हें सफलता मिली है।

जोकोविच ने एक पत्रिका के साथ साक्षात्कार में कहा कि यह सही है कि मेरे खेल में सुधार हुआ है लेकिन यह मामूली है। पिछले कई वर्षों से मैं इसी तरह खेल रहा हूं। मेरे खेल की तकनीक में कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन मेरा नजरिया जरूर बदल गया है। यही मेरी सफलता का मूलमंत्र है।

इस सत्र में तीन ग्रैंड स्लेम जीतने वाले सर्बियाई खिलाडी ने कहा कि मैं दृढ़ निश्चय के साथ कोर्ट में उतरा और मैंने खुद से कहा कि मैं बड़े खिताब जीत सकता हूं। मुझे लगता है कि भाग्य केवल साहसी लोगों का साथ नहीं देता है बल्कि उनका साथ भी देता है जिन्हें अपनी क्षमताओं पर विश्वास होता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 और 2010 की शुरुआत में मैंने लगभग 100 मैच खेले जिससे मेरा कंधा चोटिल हो गया। मैं थकान महसूस कर रहा था और ठीक से अभ्यास भी नहीं कर पा रहा था। मेरी सर्विस भी सटीक नहीं पड़ रही थी लेकिन वर्ष 2010 के दूसरे हाफ में मैं पटरी पर लौटने लगा था। उस वर्ष यूएस ओपन के फाइनल में पहुंचना मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट था।

जोकोविच ने इस सत्र में लगातार 41 मैच जीते और आस्ट्रेलियन ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन सहित कई खिताब अपनी झोली में समेटे। साथ ही उन्होंने स्पेन के राफेल नडाल को अपदस्थ करके विश्व रैंकिंग में नंबर एक की कुर्सी भी कब्जा ली।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नजरिया बदलने से मिली सफलताः जोकोविच