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पूरी छानबीन के बाद बांटे साइकिल की राशि: अंजनी

पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अब पूरी छानबीन के बाद ही राज्य के सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में नामांकित छात्र-छात्राओं को साइकिल मिलेगी। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों से दो टूक कहा है कि हर हाल में बच्चों की पूरी छानबीन के बाद ही मुख्यमंत्री साइकिल योजना की राशि बांटें।

साइकिल राज्य सरकार की सबसे लोकप्रिय योजना है, इसे किसी स्कैंडल में कन्वर्ट नहीं होने देंगे। प्रधान सचिव ने कहा कि साइकिल की राशि वितरण समारोह में हर हाल में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। सांसद और विधायकों को आमंत्रित कर ही समारोहपूर्वक राशि बंटेगी।

जो जानकारी जिलों ने भेजी है उसकी सत्यता प्रमाणित होने के बाद ही साइकिल और पोशाक का वितरण करें। यदि कहीं अनियमितता पाई गई तो प्रधानाचार्य पर डीईओ बिना विभाग से पूछे एफआईआर दर्ज करें। कोई अभिभावक यदि गलत जानकारी देकर दो स्कूलों से अपने बच्चों के नाम पर साइकिल की राशि लेने की कोशिश करता है तो उस पर भी मुकदमा दर्ज करें।

प्रधान सचिव ने बताया कि जांच के क्रम में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। एक ही बच्चा दो जगह टीसी दिखा रहा है। एक ही बच्चों का दो जगह नामांकन है। साइकिल के लिए सरकारी स्कूल में जबकि नियमित रूप से वह निजी स्कूल में पढ़ रहा है।

दो ब्लॉकों से आवेदन, शादी-शुदा लड़की जो स्कूल नहीं आ रही उसके नाम पर दावा, कुछ मरे हुए बच्चों के नाम पर भी साइकिल की मांग, साइकिल जिसे दी गई उसका कोई एड्रेस ही नहीं है। इस तरह के मामलों को शिक्षा विभाग बर्दाश्त नहीं करेगा।

अब साइकिल योजना की सत्यता जांचने के लिए विभाग नया फार्मूला लागू करेगा। यह नहीं हो सकता कि किसी स्कूल में 100 बच्चों को साइकिल दी गई और अगले साल वहां दसवीं में 60 ही बच्चों हों। यह भी नहीं हो सकता कि किसी स्कूल ने 250 साइकिल बांटे और स्कूल में 25 बच्चों ही साइकिल से आ रहे हैं। अंजनी कुमार सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को साइकिल वितरण पर पैनी नजर रखने को कहा।

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