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कुशीनगर के किशोरों से ऊधम सिंह नगर में बंधुआ मजदूरी

कुशीनगर के एक गांव का ठेकेदार गांव के आधा दर्जन नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने ऊधम सिंह नगर ले गया। वहां उनसे खेत पर दो महीने गन्ना छिलवाया और फरार हो गया। बाल मजदूरों को फूटी कौड़ी भी नहीं थी। मजबूर होकर सभी किशोर वहां से पैदल ही घर के लिए चल दिए। चार दिन से भूखे-प्यासे जब वह बरेली में मढ़ीनाथ पहुंचे। वहां बरेली कॉलेज के टीचर और उनके मित्र ने बच्चों की मदद की।

उन्हें खाना खिलवाने के बाद पैसे भी दिए और घर भिजवाने का बंदोबस्त कराया।
कुशीनगर जिले के थाना धनहर क्षेत्र के गांव देवीपुर निवासी 12 वर्षीय बच्चे रवींद पुत्र मोहन कुशवाह ने बताया कि उसके गांव का ठेकेदार संत यादव उसे और पड़ोस के गांव मर्चावां निवासी नरेश पुत्र विष्णु भगत, सुनील पुत्र रामचंद्र, व्यास पुत्र गणेश, उकिंदर पुत्र किसुनी, जितेंद्र पुत्र बन्नू और श्रीराम पुत्र मंगरू को मजदूरी कराने को कहकर ऊधम सिंह नगर ले आए। दो हजार रुपए महीना दिलाने की बात कही थी। यहां एक किसान के खेत पर दो महीने से गन्ना छीलने का काम करते रहे। संत यादव ने एक भी पैसा नहीं दिया। करीब एक सप्ताह पहले जब दो महीने पूरे हो गए तो संत यादव वहां से गायब हो गया। तीन दिन इंतजार करने के बाद भी वह वापस नहीं आया तो मालिक से पूछा। मालिक ने कहा कि तुम्हारा ठेकेदार तो पैसे लेकर चला गया। किसी के पास एक भी पैसा नहीं था। सभी बच्चे चार दिन पहले उधम सिंह नगर से पैदल चल दिए।

ऐसे मिली मदद
चार दिन लगातार चलने के बाद भूखे-प्यासे बरेली पहुंचे। यहां भटकते हुए मढ़ीनाथ पहुंच गए। वहां बरेली कॉलेज में फिजिक्स के टीचर डॉ. योगेंद्र कुमार और उनके मित्र कोचिंग संचालक अशोक कुमार मिल गए। बच्चों ने आपबीती सुनाई और खाना खिलवाने को कहा। डॉ. योगेंद्र और अशोक कुमार भावुक हो गए। उन्होंने सबसे पहले बच्चों को एक होटल पर खाना खिलवाया। फिर उन्हें घर भेजने के लिए ट्रेन का टिकट दिलाया और रास्ते में खर्च के लिए पैसे भी दिए।

परिवार में मोबाइल तक नहीं
डॉ. योगेंद्र ने बच्चों से कहा कि तुम्हारे घर पर खबर कर दें, कोई मोबाइल नंबर बताओ। बच्चों ने सिर हिलाते हुए कहा कि उनके परिवार में किसी की भी हैसियत इतनी नहीं है कि मोबाइल रख सके। सभी अत्यंत निर्धन हैं। सभी के परिवार का चूल्हा तभी जलता है जब मजदूरी करके पैसे लाते हैं। पुरुषों के  अलावा परिवार की महिलाएं तक मजदूरी करती हैं।

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  • Web Title:कुशीनगर के किशोरों से ऊधम सिंह नगर में बंधुआ मजदूरी