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जमानत मिलने से पाक-साफ नहीं हो जाते विनायक सेनः रमन

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने शनिवार को कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन को जमानत मिल जाने से वह अपने खिलाफ आरोपों से बरी नहीं हो जाते और उनकी सरकार ने कभी बिना सबूतों के किसी को फंसाने की कोशिश नहीं की।

रमन सिंह ने एचटी लीडरशिप समिट में कहा कि पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए। हमारे पास उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं। जमानत मिलने से कोई आरोपों से बरी नहीं हो जाता। उन्होंने विनायक सेन के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में कहा कि हमने खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं पर काम किया। उसके बाद अदालत ने आरोप तय किए और फैसले लिए। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला नहीं था। मैं कोई न्यायाधीश नहीं हूं। अदालत ने इस बारे में फैसला किया।

विनायक सेन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने देशद्रोह का आरोप लगाया था और रायपुर की एक अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल, 2011 को उन्हें जमानत प्रदान की। रमन सिंह ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि जिन्होंने बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों से 300 करोड़ रुपये इकट्ठे किए हों वे मानवाधिकार उल्लंघन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं जो भी कर रहा हूं पूरे दृढ़निश्चय के साथ कर रहा हूं। हम वहां मानवाधिकार उल्लंघन नहीं होने दे रहे।

नक्सलवाद से लड़ने के लिए कठोर संकल्प जताते हुए उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्र में विकास के लिए शांति जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र के सामने चुनौती है। यह राज्य की समस्या नहीं है। अगर शांति नहीं है तो विकास नहीं होगा।

 

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