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आपका खाना भगाएगा आपकी बीमारी

आपका खाना भगाएगा आपकी बीमारी

सर्दियों को बीमारियों का मौसम कहा जाए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। बीमारियां इस मौसम में आपको आसानी से अपना शिकार बनाती हैं। पर, सही डाइट अपनाकर आप इस मौसम को सेहत भरा मौसम भी बना सकती हैं। बता रही हैं शमीम खान

सर्दी, खांसी, जुकाम, कमर दर्द, पीठ दर्द, सांस लेने में दिक्कत.. और भी न जाने कितनी परेशानियां ठंड का मौसम अपने साथ लेकर आता है। अब हर बीमारी से लड़ने के लिए हमेशा ढेर सारी दवा तो खाई नहीं जा सकती, तो क्यों न अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें, जो बीमारी से लड़े और उसे आप से दूर भगाए।

अस्थमा
अस्थमा श्वास संबंधी रोग है। सांस की नली में सूजन आने से वे सिकुड़ जाती हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो फेफड़ों में हवा भर जाती है और वो फूल जाते हैं। इससे अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ जाता है, जो घातक होता है। सिली और सर्द हवाओं के कारण अस्थमा का दौरा ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम में अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सर्द हवाओं में सर्दी-जुकाम होने की आशंका ज्यादा होती है। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह अस्थमा अटैक का कारण बन सकता है।

क्या खाएं और क्यों खाएं

दूध और डेयरी प्रोडक्ट न खाएं, क्योंकि यह फेफड़ों में म्यूकस के निर्माण को बढ़ाते हैं, जिससे अस्थमा की परेशानी और बढ़ सकती है।
शहद का सेवन प्रतिदिन करें। यह अस्थमा के रोगियों के लिए वरदान है। इसमें विटामिन बी और कई मिनरल होते हैं। यह म्यूकस को पतला करता है और शरीर से बाहर निकालने में सहायक होता है।
विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ जैसे जैतून का तेल, मूंगफली, सेब, वनस्पति तेल का सेवन करें। यह अस्थमा के उपचार में मददगार है।
विटामिन बी से भरपूर मेवों, अंकुरित अनाज और फलियों का सेवन छाती की जकड़न, खांसी, सांस लेने में तकलीफ की समस्या को दूर करता है।

हार्ट अटैक

हार्ट अटैक में रक्त नलिकाओं के सिकुड़ने या उनमें ब्लॉकेज होने से खून का प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता। अगर समय रहते उपचार उपलब्ध न हो, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। सर्दियों के मौसम को हार्ट अटैक का मौसम करार देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल कहते हैं, ‘इस मौसम में लोग दिल से संबंधित परेशानियों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि सर्दियों में प्लेनेंट्स स्टिकी हो जाते हैं, जिससे ब्लॉकेज की आशंका बढ़ जाती है। विशेष रूप से सुबह 2 से 6 बजे के बीच छाती में होने वाले दर्द को मामूली रूप से न लें। इस समय हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।’

क्या खाएं और क्यों खाएं

साबुत अनाज खाएं, क्योंकि यह फाइबर के अच्छे स्नोत होते हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अदरक का सेवन करें, क्योंकि इससे रक्त पतला होता है और खून का थक्का बनने की आशंका कम हो जाती है।
ओमेगा फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ जैसे तैलीय मछलियां, अखरोट, सोयाबीन आदि अपने खाने में शामिल करें। यह आपके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और खून जमने का खतरा कम हो जाता है।
ऐसे भोजन का सेवन करें जिसमें विटामिन सी की मात्र अधिक हो। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

जोड़ों का दर्द
जिन लोगों को जोड़ों के दर्द की तकलीफ है, सर्दियों का मौसम उनकी तकलीफ को और बढ़ाने वाला होता है। हमारे देश में सर्दियां दो हिस्सों में बंटी होती है। 15 अक्तूबर से 15 दिसंबर तक गीली ठंड पड़ती है। इन दो महीनों में जोड़ों में एक कड़ापन आ जाता है। अगले दो महीने सूखी ठंड के होते हैं, इसमें शीतलहर चलती है जो जोड़ों के दर्द को बढ़ा देती है। जोड़ों की तकलीफ से बचने के लिए जरूरी है कि शरीर को सर्द हवाओं से बचाएं, आराम करें और खानपान पर विशेष ध्यान रखें।

क्या खाएं और क्यों खाएं

साबुत अनाज, मछली, सोयाबीन और दालों का सेवन करें। इनमें विटामिन बी पाया जाता है, जो जोड़ों के दर्द  और सूजन को कम करता है।
विटामिन ई युक्त भोजन जैसे साग, ब्रोकली, सूरजमुखी के बीज, बादाम, अखरोट आदि का सेवन करें और इनसे जोड़ों में चिकनापन बरकरार रखने में मदद मिलती है।
सुबह की गुनगुनी धूप में बैठें। यह विटामिन डी का अच्छा स्नोत है, हड्डियों मजबूत बनेंगीं।

सर्दी-खांसी

सदी-खांसी सर्दियों की सबसे आम बीमारी है। एक अध्ययन के अनुसार एक व्यक्ति वर्ष में औसतन 3 बार सर्दी-खांसी का शिकार होता है। सीनियर फिजिशन डा. ए.के. शुक्ला कहते हैं, ‘इसके लक्षण बहुत आम हैं। नाक बहना, कफ, छाती में जकड़न, सिर दर्द, आंखों से पानी आना और कभी भी बुखार भी आ जाना। सर्दी -खांसी  ठीक होने में एक से दो हफ्ते लग सकते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम ऐसे भोजन का सेवन करें, जिससे न सिर्फ हमारा इन्यून सिस्टम दुरुस्त रहे, बल्कि हम सर्दी-खांसी की चपेट में आने से भी बच जाएं।

क्या खाएं और क्यों खाएं

सही समय पर खाना न खाना और अधिक कैफीन का सेवन आपको सर्दी-खांसी का आसान शिकार बनाता है। इसके लिए जरूरी है कि सही समय पर पोषक भोजन का सेवन किया जाए।
चिकन सूप को ‘प्राकृतिक पेनिसिसिन’ कहा जाता है। गर्मगर्म सूप न सिर्फ सर्दी-खांसी से जाम हुए श्वसन मार्ग को खोल देगा, बल्कि शरीर को एनर्जी भी देगा।
सर्दियों में लहसुन जरूर खाएं। इसमें ‘एलिन’ होता है जो कफ के प्रभाव को दूर करता है। लहसुन एंटी ऑक्सीडेंट की तरह भी काम करता है और फ्री रेडिकल्स को नष्ट करता है।
शरीर में पानी की मात्र कम न होने दें। खूब सारा पानी पिएं। हर्बल चाय पिएं। सुबह एक गिलास गुनगुना पानी जरूर पिएं।
अधिक प्रोटीन और कम वसा वाला भोजन जैले दालें, साबुत सोयाबीन, फलियां उबले हुए रूप में लें।
फल जैसे अनार, सेब, मौसमी, स्ट्राबेरीज और पाइनएपल का सेवन करें, जिससे जिंक और विटामिन सी की मात्र अधिक हो। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

फोलेट से भरपूर है संतरा
आम अवधारणा है कि संतरे को इसलिए खाना चाहिए क्योंकि उसमें विटामिन सी होता है, पर यह फोलेट से भी भरपूर है। फोलेट भी विटामिन बी 12 की तरह मूड को बेहतर बनाता है।

अंडे से दिमाग होगा तेज
अंडे में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड अवसाद को दूर रखता है। इसमें फॉस्फोलिप्डस भी होता है, जिसके कारण याददाश्त बेहतर होती है और दिमाग अच्छेसे काम भी करता है।

रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाएंगे मेवे
मेवे में प्रोटीन, फाइबर, फोटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। ये सब न सिर्फ बीमारियों से शरीर की रक्षा करते हैं, बल्कि शरीर को भीतर से मजबूत भी बनाते हैं।

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