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नहीं आया वज्र वाहन, शांतिपूर्ण रहा आंदोलन सुबह से ही

वरीय संवाददाता पटना। हाल के वर्षो में यह पहला मौका है जब राजधानी के राजनीतिक अखाड़ा यानी डाकबंगला चौराहे पर ‘बंद’ के दौरान बिना वज्र वाहन के ही पुलिस ने आंदोलनकारियों को न सिर्फ नियंत्रित किया बल्कि उन्हें गिरफ्तार करके बस से कैम्प जेल तक पहुंचाया।

हंगामा या उपद्रव आदि में वज्र वाहन कारगर भूमिका निभाता है। वैसे जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लाव-लश्कर के साथ गुरुवार की सुबह से ही अतिरिक्त चौकसी बरत रहे थे। वायरलेस और मोबाइल के जरिए एसएसपी आलोक कुमार पल-पल की स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

डाकबंगला चौराहे पर जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभारी गजेन्द्र प्रसाद सिंह, डीएसपी (विधि-व्यवस्था) ललित मोहन शर्मा, कोतवाली थानाध्यक्ष अमन कुमार व अन्य अफसरों ने कमान संभाल रखी थी। आखिरकार गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद डाकबंगला चौराहे पर बंद समर्थकों का आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

एसएसपी ने बताया कि मजबूत सुरक्षा इंतजाम के बीच कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सिर्फ डाकबंगला पर 98 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

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