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फॉल्ट इंडीकेटर बताएंगे, कहां हुई बिजली की गड़बड़ी

वरीय संवाददाता पटना। शहर की बिजली आपूर्ति को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तहत अब उच्चशक्ति के तारों में फॉल्ट इंडीकेटर लगाए जाएंगे। साथ में रिंगमैन यूनिट भी बैठायी जाएगी। इन उपकरणों की मदद से ब्रेकडाउन की समस्या से जल्द निबटने में मदद मिलेगी। इंडीकेटर की मदद से बिजली की गड़बड़ी का पता तुरंत चल जाएगा। ऐसे में फाल्ट का पता करने के लिए बिजलीकर्मियों को अधिक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

पेसू के महाप्रबंधक शचिन्द्र किशोर प्रसाद सिंह के मुताबिक शहर में स्थित 33केवी के सभी फीडरों में फॉल्ट इंडीकेटर लगाने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। फिलहाल 33 केवी के 23 फीडर के जरिए तमाम मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति होती है।

केन्द्र ने इस संबंध में एक डीपीआर को स्वीकृति दे दी है। तीन वर्ष में सभी फीडर में इंडीकेटर लगा दिए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार बत्ती गुल होने की समस्या से बहुत हद तक राहत मिल जाएगी। एक लाइन में गड़बड़ी होने पर बाकी लाइनवालों की बिजली नहीं कटेगीइन उपकरणों के लग जाने के बाद किसी एक लाइन में फॉल्ट होने पर दूसरे लाइन की बिजली नहीं कटेगी।

ब्रेकडाउन होने पर भी रिंग मैन यूनिट व फाल्ट इंडीकेटर की मदद से आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल कर दी जाएगी। फिलहाल 33 केवी फीडर के ब्रेकडाउन होने पर कम से चार से पांच घंटे लग जाते हैं उसे दुरुस्त करने में। जानकारी के मुताबिक 11 केवी लाइन में रिंग मैन यूनिट(आरएमयू) बैठायी जाएगी।

शहर में करीब 400 जगहों की पहचान की गई है जहां ये दोनों उपकरण लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक 11 केवी सिस्टम के एक लाइन से चार से पांच लाइन निकलती हैं। इसमें किसी एक में फाल्ट होने पर बाकी सभी लाइन से भी आपूर्ति बाधित हो जाती है।

लेकिन आरएमयू की मदद से अब फाल्ट वाली लाइन को अलग कर दिया जाएगा व बाकी लाइन से आपूर्ति चालू रहेगी। पोल पर चढ़कर लाइन बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

रिंगमैन यूनिट के लग जाने पर किसी एक पॉवर ट्रांसफार्मर के बैठ जाने पर भी उससे जुडेम् उपभोक्ताओं को बिजली मिलती रहेगी। इन उपकरणों की मदद से उक्त पॉवर ट्रांसफार्मर से जुडे उपभोक्ताओं को दूसरे पॉवर ट्रांसफार्मर से तत्काल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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  • Web Title:फॉल्ट इंडीकेटर बताएंगे, कहां हुई बिजली की गड़बड़ी