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रिटायर्ड आईपीएस अफसरों का लाभ उठा रही सरकार

पटना(हि.ब्यू.)। राज्य सरकार अब रिटायर्ड आईपीएस अफसरों के अनुभवों का लाभ ले रही है। हाल ही में रिटायर हुए बिहार कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को सरकार ने महत्वपूर्ण पद सौंपे हैं। इनमें एक हैं बिहार के पूर्व डीजीपी नीलमणि और दूसरे हैं एडीजी के पद से रिटायर राज्यवर्धन शर्मा।

नीलमणि को सरकार ने राज्य मानवाधिकार आयोग का सदस्य बनाया है जबकि शर्मा को बिहार लोकसेवा आयोग का सदस्य बनाया गया है। पहले भी रिटायर्ड नौकरशाहों को महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां सौंपी जाती रही हैं लेकिन पुलिस सेवा के अधिकारियों को लेकर यह एक नई शुरूआत है।

सरकार इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के रिटायर्ड अधिकारियों से भी सहयोग लेने की योजना बना रही है। इसके लिए सभी जिलों के एसपी को कहा गया है कि वे ऐसे अफसरों का डाटा बैंक तैयार करें जिसमें उनका नाम, पता, टेलीफोन या मोबाइल, उम्रवार व रैंकवार ब्योरा भी उपलब्ध हो।

इसके पीछे की सोच है रिटायर पुलिसकर्मियों का सहयोग इमरेजेंसी में लॉ एण्ड आर्डर मेंटेन करने में, साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में एवं प्राकृतिक आपदा के समय प्रबंधन के काम में लिया जा सकता है। एसपी उन्हें आवश्यक परिचय पत्र भी उपलब्ध कराने पर विचार करेंगे।

इसके लिए पिछले दिनों राज्य पुलिस मुख्यालय से एक प्रस्ताव तैयार कर यह प्रयास भी शुरू किया गया था कि रिटायर पुलिस कर्मियों के लिए सभी जिलों में पुलिस कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। यह बोर्ड रिटायर पुलिस कर्मियों की विभिन्न समस्याओं के निपटारे के साथ-साथ उनके अनुभवों का लाभ भी प्राप्त करेगा।

प्रस्ताव के अनुसार एसएसपी व एसपी बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। डीएसपी (मुख्यालय) बोर्ड के सचिव, जिला के सार्जेट मेजर कार्यपालक पदाधिकारी तथा सार्जेट व सूबेदार इसके सदस्य होंगे। इनके अलावा एसपी द्वारा मनोनीत थानाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भी इसके सदस्य होंगे।

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