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प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को कारोबारियों ने अभिशाप कहा

वाराणसी निज संवाददाता। देशी खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को कारोबारियों ने अभिशाप बताया है। उनका कहना है कि आम आदमी के मुंह से निवाला छीनने वाली सरकार वॉल मार्ट नहीं, बल्कि गरीबों के लिए शवगृह खोलने की अनुमति विदेशियों को दे रही है। चौखम्भा और पियरी क्षेत्र के कारोबारियों ने ‘हिन्दुस्तान’ को अपना दुखड़ा सुनाया। बड़ी पियरी स्थित शिव जनरल स्टोर के संचालक रामाश्रय यादव का कहना था कि विदेशी निवेश को अनुमति मिलते ही छोटी पूंजी वाले व्यापारी कार्पोरेट जगत की बड़ी-बड़ी विदेशी कम्पनियों के सामने समर्पण कर देंगी। मुहल्लों में रोजमर्रा के समानों की दुकाने बंद हो जाएगी।

सरकार का यह फैसला व्यापारियों के लिए अभिशाप है। चौखम्भा स्थित मनसुखदास किराना मर्चेन्ट के विजय कुमार बोले, हम सरकार के फैसले के खिलाफ व्यापारियों का समर्थन करते हैं। जिस तरह से आज शादी-विवाह में मुहल्ले-मुहल्ले दुकान होने से लोगों को फायदा मिलता है। जब वॉल मार्ट खुल जाएगा, तो गलियों में रहने वालों को तत्काल सुविधा से वंचित भी होना पड़ेगा। साथ ही हमारे जैसे लाखों परिवारों के बच्चों रोटी के लिए बिलखते रहेंगे। बैकुंठनाथ केराना स्टोर के शिवप्रसाद ने कहा, आज हम लोग ग्राहकों की बाट जोह रहें हैं। जब विदेशी कम्पनियों के उत्पाद कम दर पर मिलेंगे, तब सोचिए, हमारी दुकानों पर ग्राहक नहीं ताला लटकता मिलेगा। छोटी पियरी स्थित सिंघई स्टोर के फुटकर साबुन व्यापारी राजू बोले, एक जमाने में अंग्रेज भारत से सोने की चिडिम्या ले गए, अब देशी मुद्रा शान से ले जाएंगे। गरीबों के हक की रकम विदेशों में भेजने का सरकार समर्थन करेगी।

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