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खुदरा बाजार खुले रहे पर मंडियां रही बंद

वाराणसी। कार्यालय संवाददाता। भारत बंद का गुरुवार को स्थानीय फुटकर बाजारों में आंशिक असर दिखा। फुटकर कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संभावित खतरों से बेफिक्र दुकानदारों ने बिक्री की। अलबत्ता थोक मंडियां बंद रहीं। कारोबार ठप रहने से थोक मंडियों में करीब एक अरब का कारोबार प्रभावित हुआ। फुटकर बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खिलाफ गैर कांग्रेसी दलों एवं अखिल भारतीय व्यापार मंडल ने भारत बंद का आह्वान किया था। लंका क्षेत्र की फुटकर दुकानें जहां दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं। वहीं पांडेयपुर-लालपुर रोड की दुकानों को व्यापारियों ने जुलूस निकाल बंद कराया। हालांकि यहां भी दोपहर बाजार दुकानें खुल गयीं। मैदागिन-गोदौलिया मार्ग की थोक दुकानें बंद रही लेकिन फुटकर प्रतिष्ठानों में आम दिनों की तरह चहल-पहल दिखी।

दशाश्वमेध इलाके में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। गोदौलिया-लक्सा-गुरुबाग का खुदरा बाजार रहा हो या फिर सिगरा, रथयात्राा-महमूरगंज, मंडुवाडीह, मलदहिया, लहुराबीर, हथुआ मार्केट, चेतगंज, नयी सड़क, दालमंडी आदि। सभी इलाकों में फुटकर कारोबार आम दिनों की तरह हुआ। गोला दीनानाथ मंडी के प्रवेश द्वार पर ‘आज मंडी बंद है’ का बैनर लगा था। श्री काशी सर्राफा मंडल के अध्यक्ष सतनाम सिंह धुन्ना के नेतृत्व में व्यापारियों ने सुडिम्या, रेशम कटरा, ठठेरी बाजार एवं गोविंदपुरा में छिटपुट खुली दुकानों को बंद कराया। बंद रही मंडियां1. विशेश्वरगंज स्थित किराना, गल्ला, दलहन-तिलहन की दुकानें जहां बंद रही वहीं फल-सब्जी की दुकानें खुली रही। 2. जंगमबाड़ी स्थित फर्नीचर मंडी, गोला दीनानाथ स्थित किराना मंडी, लक्खी चौतरा व आसपास स्थित साड़ी मंडी, जरी/रेशम मंडी बंद रही लेकिन गोलघर स्थित थोक साड़ी कारोबारियों के प्रतिष्ठान खुले रहे।

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