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कोड़ा को हो सकता है आजीवन कारावास

रांची राणा गौतम। पूर्व सीएम और चाईबासा के निर्दलीय सांसद मधु कोड़ा पिछले दो सालों से जेल में हैं। उनके खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। कुछ मामले ऐसे हैं, जो कोर्ट में साबित हो गये तो कोड़ा को आजीवन कारावास की सजा तक हो सकती है। जहां तक बेल की बात है, निचली व झारखंड हाईकोर्ट से उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।

जितने दिन जेल में ट्रायल के दौरान रहेंगे, कम होगी उतनी सजा- किसी अभियुक्त को जितने दिनों की सजा सुनायी जाती है, उतनी सजा उसे ज्यादातर मौकों पर काटनी नहीं पड़ती है। ट्रायल के दौरान जितनी अवधि तक अभियुक्त जेल में रहता है, उतनी अवधि पूरी सजा की अवधि से घटा(डिडक्ट) कर दी जाती है।

सीबीआई के सीनियर लीगल एडवायजर बीएमपी सिंह से पूछे जाने पर कहा कि धारा-409 में आजीवन कारावास तक की सजा है। वैसे उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कोड़ा के विरूद्ध प्राथमिकी में कौन-कौन सी धाराएं सीबीआई की दिल्ली ब्रांच ने लगायी है।

उन्होंने बताया कि आपराधिक साजिश रच कर सरकारी धन का गबन करने के आरोप पर धारा-409 लगाया जाता है।कोड़ा के खिलाफ सीबीआई ने मुख्य तौर पर आइपीसी की धारा- 420 (बी) और 409 लगाया है। साथ ही पीसी एक्ट की धारा 13(डी) और 13(ई) दर्ज करायी गयी है।

मनी लाउंड्रिंग का मामला अलग है। धारा- 409 न्यूनतम 5 साल-अधिकतम आजीवन कारावास धारा-420(बी) न्यूनतम 3 साल-अधिकतम 5 साल पीसी एक्ट न्यूनतम 5 साल-अधिकतम 7 साल मनी लाउंड्रिंग एक्ट न्यूनतम 3-अधिकतम 7 साल

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