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चाचा जी से मिली प्रेरणा

बचपन में चाचा को फुटबॉल खेलता देख मुझे बहुत अच्छा लगता था और तभी से मैंने फुटबॉल को करियर बनाने का मन बना लिया। भारतीय टीम के कप्तान क्लाइमैक्स लॉरेंस ने बताया कि मेरा पूरा परिवार फुटबॉल से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि गोवा में हमारा एक ‘मिरवाडे स्पोर्ट्स’ के नाम से एक फुटबॉल क्लब है, जहां पर बच्चाों को फुटबॉल के गुण सिखाए जाते हैं।

गोवा के इस फुटबॉलर ने कहा कि हमारे देश में क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय है, लेकिन अब धीरे-धीरे फुटबॉल भी अपनी जगह बनाने लगा है। अगर हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो लोगों का ध्यान हमारी ओर आकर्षित होगा और हम इस टूर्नामेंट में कुछ ऐसा ही करने की कोशिश करेंगे।

यह पूछने पर कि आप भारतीय टीम के कप्तान है, आपको कैसा लग रहा है, उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन मेरे ऊपर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव भी होगा। लॉरेंस ने कहा कि हमारी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ी है और हम ओलंपिक क्वालीफायर में इसी टीम के साथ खेल चुके हैं, इसलिए हमारे बीच अच्छा तालमेल है।

उन्होंने कहा कि बाइचुंग भूटिया के संन्यास लेने के बाद उनकी कमी टीम को तो हमेशा खलेगी क्योंकि वे हमारे प्रेरणास्नोत है, लेकिन हमारे पास दो स्ट्राइकर सुनिल छेत्री और जेजे है, जिनसे मुङो अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। जाम्बिया के खिलाफ मैच के बारे में इस फुटबॉलर ने बताया कि जाम्बिया से मिली हार से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। जाम्बिया एक बहुत अच्छी टीम है और उसके खिलाफ हमारे खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। जाम्बिया के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में भारत को 0-5 से हार का सामना करना पड़ा था।

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