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बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पर अदालत का फैसला सुरक्षित

बिहार लोक सेवा आयोग की 53वीं से 55वीं सम्मिलित संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम पर सम्मिलित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा। प्रमोद कुमार और अन्य कई अभ्यर्थियों की सम्मिलित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी ने दोनों पक्षों की जिरह सुनी।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीपीएससी ने पीटी के लिए घोषित परिणाम में आठ प्रश्नों को हटा दिया है जबकि 12 प्रश्न गलत हैं। परीक्षा परिणाम जारी करने में अनियमितता हुई है। अदालत ने पूर्व में सुनवाई करते हुए बीपीएससी को विशेषज्ञों की एक नयी जांच समिति बनाने और परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों की जांच करने को कहा था।

नयी जांच समिति ने अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट में कहा था कि परीक्षा परिणाम में नौ प्रश्न गलत हैं। सभी परीक्षार्थियों को नौ नंबर दिया जाए और नौ प्रश्नों को हटाकर 141 प्रश्नों के आधार पर रिजल्ट दिया जाए।

बीपीएससी ने कहा है कि सभी परीक्षार्थियों को नौ अंक दे देने से परीक्षा का परिणाम नहीं बदलेगा लेकिन नौ प्रश्नों को यदि बाहर कर दिया जाता है तो मुख्य परीक्षा के लिए चयनित 915 अभ्यर्थी बाहर हो जायेंगे और 588 नये अभ्यर्थी जुड़ जायेंगे। इससे मामला जटिल हो जाएगा।

आयोग ने अदालत से कहा कि 915 अभ्यर्थियों को यदि परीक्षाफल में शामिल रखने का निर्देश आता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। इससे परिणाम यह होगा कि पांच हजार अन्य परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हो जाएंगे। अदालत ने बहस सुनने के बाद अपना फैसला अगले आदेश तक सुरक्षित रखा। बीपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा राज्य के 400 से अधिक केंद्रों पर बीते 17 अप्रैल को आयोजित की थी।

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  • Web Title:बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पर अदालत का फैसला सुरक्षित