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भारत बंद का मिला-जुला असर

खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में गुरुवार को आयोजित भारत बंद का बिहार में मिला-जुला असर देखा गया। बंद को कई राजनीतिक दलों सहित विभिन्न व्यावसायिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त था।

पटना, भागलपुर, गया, पूर्णिया और भागलपुर में बंद का असर देखा गया जबकि अन्य जिला मुख्यालयों में मिला-जुला असर रहा। जहानाबाद में बंद समर्थकों ने रेलमार्ग को भी एक घंटे तक अवरुद्धरखा, जिससे गया-पटना रेलमार्ग पर रेलों का परिचालन प्रभावित हुआ। पटना के डाक बंगला चौराहे पर विभिन्न राजनीतिक संगठनों से आए बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री का पुतला जलाया।

बंद के दौरान सुबह से ही राज्य के प्रमुख शहरों में बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। वहीं खुदरा विक्रेता भी अपनी दुकानें बंद रखकर भारत बंद का समर्थन किया। पटना के अधिकांश निजी विद्यालयों को भी बंद रखा गया। बाजार बंद रहने के कारण सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी कम देखा गया। छोटी दुकानों में भी ताले लटके रहे।

बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ के अध्यक्ष गंगा प्रसाद का कहना है कि बिहार में भारत बंद को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि देश में पांच करोड़ से अधिक खुदरा दुकानें हैं, जिन पर करीब 25 करोड़ लोग आश्रित हैं। विदेशी निवेश होने से खुदरा विक्रेता बेरोजगार हो जाएंगे।

भारत बंद को देखते हुए राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए। राजधानी पटना सहित सभी जिला मुख्यालयों की सड़कों पर पुलिस गश्ती तेज कर दी गई।

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