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मनरेगा स्कैम: पांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) पर अमल में कथित घोटाले के मामले में पांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अनियमित तरीके से खर्च किये गये डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली के आदेश दिये गये हैं।
   
जिलाधिकारी राम बहादुर ने बताया कि जिले के बभनजोत विकास खण्ड में मनरेगा के क्रियान्वयन में जिलमेदार अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने इंटरलाकिंग जैसी गैर-अनुमन्य परियोजनाओं पर मनमाने तरीके से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर दिये थे।

उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत किये जाने पर जांच के लिये तीन अधिशासी अभियंताओं की समिति गठित की गयी थी जिसने मामले को सही पाया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले में खण्ड विकास अधिकारी रामजीत प्रसाद, सहायक पंचायत विकास अधिकारी रंग बहादुर सिंह, सहायक लेखाकार चंद्रिका प्रसाद जायसवाल, कार्यप्रभारी सुशील पाण्डेय तथा तकनीकी सहायक हीरालाल को गबन का आरोपी पाया गया है।
   
उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ खोडारे थाने में कल मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अलावा उन अधिकारियों तथा कर्मचारियों से गबन के एक करोड़ 52 लाख 28 हजार रुपए वसूल करने के आदेश भी दिये गये हैं। इस मामले में तकनीकी सहायक हीरालाल को करीब एक महीने पहले बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि बाकी चार आरोपी अफसर भी निलम्बित हो चुके हैं।

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  • Web Title:मनरेगा स्कैम: पांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा