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भारत बन्द का जदयू, राजद और वाम दलों का समर्थन

पटना (हि.ब्यू.)। रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खिलाफ गुरुवार के भारत बन्द का जदयू, राजद समेत वाम दलों ने समर्थन किया है। प्रदेश जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बन्द समर्थकों को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि खुदरा कारोबार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश का मतलब स्थानीय दुकानदारों को बेरोजगार बनाना होगा।

लिहाजा मल्टीब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का जदयू विरोध करेगा। राजद भी एफडीआई के विरोध में खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकती। राजद एफडीआई का हर स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी। इसीलिए बंद का पूरा समर्थन करते हैं।

वाम दलों के नेता और कार्यकर्ता गुरुवार के भारत बन्द में सडक़ पर उतरेंगे। सीपीआई ने बुधवार को नया टोला से गांधी मैदान तक जुलस निकाला और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंका। वामदलों ने कहा है कि एफडीआई के लिए द्वार खुलने से खुदरा व्यापार से जुड़े देश के साढ़े चार करोड़ परिवारों यानी करीब 20 करोड़ लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट पैदा होगा।

ऐसे में देश में बेरोजगारी फैलाने वाली इस नीति का सीपीआई, सीपीएम, फारवर्ड ब्लॉक और आरएसपी संयुक्त रूप से विरोध कर रही है। सीपीआई के राज्य सचिव बद्री नारायण लाल, सीपीएम के राज्य सचिव विजयकांत ठाकुर और फारवर्ड ब्लॉक के अमेरिका महतो ने कहा कि खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेश का विरोध करने के लिए आयोजित एक दिसम्बर के भारत बन्द में शामिल होकर एकजुटता दिखायी जाएगी। माले के राज्य कार्यालय सचिव संतोष सहर ने बताया कि पाटीं ने तामाल इकाईयों और जनसंगठनों से बन्द मे उतरने का आहवान किया है। पार्टी का मत है कि असंख्य छोटे खुदरा व्यापारियों की जिन्दगी और आजीविका को खतरे में डालने वाली खुदरा क्षेत्र में 51 फीसदी एफडीआई नीति का विरोध जरूरी है।

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  • Web Title:भारत बन्द का जदयू, राजद और वाम दलों का समर्थन