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रेलवे ग्रुप डी के अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट 12 से

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता। पूवरेत्तर रेलवे में ग्रुप डी के 4549 पदों के लिए लिखित परीक्षा में पास 5363 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच एवं मेडिकल टेस्ट 12 दिसम्बर से शुरू होगा। चार जनवरी 2012 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में सबसे पहले प्रमाणपत्रों की जांच होगी। सफल परीक्षार्थियों को मुख्यालय सहित तीनों मण्डलों में मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। आने-जाने के लिए उन्हें तीन दिन का समय भी दिया जाएगा।पूवरेत्तर रेलवे प्रशासन के मुताबिक, लिखित परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को आरएमएस के जरिए प्रवेशपत्र भेजा जा चुका है। अगर किन्हीं कारणवश प्रवेश पत्र नहीं मिला हो तो 10 और 11 दिसम्बर को डुप्लीकेट प्रवेशपत्र के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे भर्ती सेल, पूवरेत्तर रेलवे सीसीएम एनेक्सी बिल्डिंग रेलवे रोड नं. 14 गोरखपुर से डुप्लीकेट प्रवेशपत्र प्राप्त किया जा सकता है। 13 नवम्बर की रात वेबसाइट पर जारी रिजल्ट के मुताबिक लिखित परीक्षा में 5363 अभ्यर्थी पास हुए हैं। सफल आवेदकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन 12 दिसम्बर 2011 से चार जनवरी 2012 के बीच सुबह 8.30 बजे से पूवरेत्तर रेलवे बालक इण्टर कॉलेज, जटेपुर उत्तरी, गोरखपुर में होगा।

सत्यापन के लिए तिथिवार अनुक्रमांक 26 नवम्बर से दो दिसम्बर 2011 के बीच के रोजगार समाचारपत्र एवं एनईआर की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। सत्यापन में पास अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए तत्काल टोकन दिया जाएगा। मौके पर ही उन्हें पता चल जाएगा कि मुख्यालय और तीनों मण्डलों में किस जगह उनका मेडिकल होगा।

मेडिकल के दौरान आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय दिया जाएगा। अपरिहार्य कारणों से तय तिथि पर नहीं पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन तीन एवं चार जनवरी 2012 को किया जाएगा।

-------------------------शक होने पर ली जाएगी फोरेंसिक लैब की मदद प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने और गलत कागजात दिखाने वालों को पकड़ने के लिए भर्ती सेल के चेयरमैन पीके श्रीवास्तव ने विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि एनई रेलवे ब्वॉयज इण्टर कॉलेज में रोजाना करीब 300 लोगों के प्रमाणपत्रों की जांच तीन विशेष अधिकारी करेंगे। इसके अलावा अन्य कई प्रक्रियाओं से होकर उन्हें गुजरना होगा। जांच के दौरान प्रमाणपत्र के फर्जी होने और नाम में गड़बड़ी की शिकायत मिली तो उसे सील कर फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। गड़बड़ी की पुष्टि हुई तो संबंधित अभ्यर्थी को आजीवन रेलवे की किसी भी परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया जाएगा।

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  • Web Title:रेलवे ग्रुप डी के अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट 12 से