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मनरेगा में गड़बड़ी पर डीडीओ और बीडीओ सस्पेंड

पडरौना, निज संवाददाता। मनरेगा का धन खर्च करने में मानकों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में कुशीनगर के जिला विकास अधिकारी वीपी मिश्र व कप्तानगंज के बीडीओ चंद्रशेखर को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा यहां पूर्व में तैनात रहे सीडीओ जेबी सिंह (वर्तमान में सामान्य प्रशासन के संयुक्त सचिव, उप्र शासन) व केदारनाथ (वर्तमान मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर) को शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी की है। मनरेगा में गड़बड़ी की जांच के लिए सप्ताह पहले जिला प्रशासन ने तीन टीमें गठित कर खड्डा ब्लाक के 12 गांवों में मनरेगा के कार्यो की जांच कराई। जांच में भारी अनियमितता मिली। डीएम ने दो दिन पहले जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को शासन ने खड्डा के तत्कालीन बीडीओ (अब कप्तानगंज के बीडीओ) चंद्रशेखर व डीडीओ वीपी मिश्र को सस्पेंड कर दिया।

इसके साथ ही तत्कालीन सीडीओ जेबी सिंह व केदारनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीएम अखिलेश बर्नवाल ने दोनों अधिकारियों के निलम्बन की पुष्टि करते हुए कहा कि शासन से इस सम्बन्ध में फैक्स आ गया है जिसका अनुपालन कराया जा रहा है। स्टेट मॉनीटर की जांच में हुई थी धांधली की पुष्टिमनरेगा में जिले में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।

दस महीने पहले मनरेगा के स्टेट मॉनीटर विनोद शंकर चौबे ने खड्डा ब्लॉक के एक दर्जन गांवों में मनरेगा के कार्यो का भौतिक सत्यापन किया तो वहां भारी गड़बड़ी मिली। जांच में पता चला कि निर्माण सामग्री पर 50 फीसदी से अधिक धन खर्च किया गया था। मनरेगा मजदूरों को कम काम दिया गया था। इसके अलावा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद घटिया थी।

स्टेट मानीटर ने कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास और ग्राम्य विकास आयुक्त को 120 पेज की रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट की एक-एक कापी केन्द्र सरकार और जिला प्रशासन को भी भेजी। रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा था कि मनरेगा का धन खर्च करने में बडेम् पैमाने पर अनियमितता की गई है। उन्होंने ग्राम्य विकास व जिला प्रशासन से तकनीकी व भौतिक जांच करा कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा था लेकिन यह फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी। मिला है कारण बताओ नोटिस: जेबी सिंह वर्तमान समय में उप्र शासन में सामान्य प्रशासन के संयुक्त सचिव जेबी सिंह ने सो काज नोटिस की पुष्टि करते हुए ‘हिन्दुस्तान’ को फोन पर बताया कि उन्हें नोटिस मिला है। जवाब दे रहा हूं।

उन्होंने बताया कि गांव में पैसे भेजने के संबंध में नोटिस मिला है। एक दर्जन लोगों पर हो सकती है एफआईआर मनरेगा का धन मनमाने ढंग से खर्च करने के मामले में खड्डा ब्लाक के कई पूर्व प्रधान, सेक्रेटरी, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक आदि भी दोषी पाए गए हैं। अब इनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। यह कार्रवाई जिला स्तर से होनी है। जिला प्रशासन पहले इस मामले में शासन से बड़ी कार्रवाई के इंतजार में था। शासन का रुख स्पष्ट होने के बाद तीन से चार दिन में स्थानीय स्तर से भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। ं

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