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प्रशासक बनने के बाद पालिका पहुंचे जिलाधिकारी

मैनपुरी, हिन्दुस्तान संवाद। नगरपालिका के प्रशासक का कार्यभार संभालने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे और पालिका द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यो और लंबित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अधिकारी और सहायक अभियंता को निर्देश दिए कि विकास कार्यो में अनियमितता और कमीशनखोरी की शिकायत मिली तो उन्हें कड़ा दंड मिलेगा।

डीएम ने चेतावनी दी कि सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत किए गए कार्यो का ही भुगतान किया जाएगा। बिना वर्क ऑर्डर के किए जा रहे कार्यो को श्रमदान घोषित कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि कर्मचारियों के भुगतान आदि के लंबित प्रकरणों की सूची वरिष्ठता क्रम में तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराएं।

उन्होंने सफाई रोस्टर, अपूर्ण कार्यो की सूची, टैंडर प्रक्रिया,पालिका में ठेकेदारी के लिए पंजीकरण की लंबित सूची एवं अन्य अभिलेखों का गहनता से परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पालिका में जो व्यवस्थाएं चल रही हैं उनमें कोई संशोधन नहीं होगा। जनहित की शिकायतों का निस्तारण निर्धारित अवधि में करने के डीएम ने निर्देश भी दिए। एक करोड़ 60 लाख के लंबित हैं भुगतानमैनपुरी। पालिका के निरीक्षण के दौरान डीएम को बताया गया कि पालिका क्षेत्र में कराए गए कार्यों के भुगतान का एक करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान लंबित है।

डीएम ने पालिका के सभी पांच बैंक खातों में उपलब्ध धनराशि का ब्यौरा तलब किया और अपूर्ण विकास कार्यो की सूची बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने उपलब्ध धनराशि से अधिक के कार्यो का टेंडर कराए जाने पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने शहर में 29 हाईमास्ट लाइटों के अधिष्ठापन की जानकारी मिलने पर सहायक अभियंता से पूछा कि क्या इतनी लाइटों की आवश्यकता है। जवाब न मिलने पर उन्होंने हाई मास्ट लाइटों के अधिष्ठान व चिह्न्ति स्थानों का रात्रि भ्रमण कर रिपोर्ट मांगी। उन्होंने एक सप्ताह में सभी तरह की देनदारियों का विवरण भी तलब किया। ंं

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