DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं हिंसक वीडियो गेम

नई दिल्ली एजेंसियां। हिंसक वीडियो गेम्स को लगातार खेलते रहने से हमारे दिमाग के आकार पर असर पड़ सकता है। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक इस तरह के गेम खेलने से दिमाग के दो महत्वपूर्ण भागों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी के मेडिसिन स्कूल के वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन को 18 से 29 साल के लोगों पर किया। इससे पता चला कि लगातार हिंसक वीडियो गेम्स खेलने से दिमाग के आकार में बदलाव आ सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट बैरोनैस ग्रीनफील्ड कहते हैं कि हिंसक वीडियो गेम्स को खेलने की वजह से लोग कम संवेदनशील और अधिक आक्रामक हो गए हैं। अध्ययन के लिए इंडियाना यूनिवर्सिटी के मेडिसिन स्कूल के वैज्ञानिकों ने 22 पुरुषों के दिमाग का एमआरआई स्कैन किया और उन्हें दो टीमों में बांट दिया।

एक टीम से कहा गया कि वे एक हफ्ते में कम से कम दस घंटे हिंसक वीडियो गेम खेलें, जबकि दूसरी टीम को ऐसे गेम नहीं खेलने को कहा गया। एक हफ्ते बाद जब दोबारा उनका एमआरआई स्कैन किया गया तो पहली टीम के अधिकतर सदस्यों के दिमाग के कई हिस्सों पर इसका प्रभाव देखा गया जबकि दूसरी टीम के सदस्यों के दिमाग पर कोई असर नहीं हुआ। वैज्ञानिकों के मुताबिक जिन लोगों ने एक हफ्ते तक हिंसक वीडियो गेम खेले थे उनके दिमाग के आगे का हिस्सा कम क्रियाशील था। यह पहला अध्ययन है जो वीडियो गेम के दिमाग पर पड़ने वाले असर को सुबूत के साथ दर्शाता है। इस अध्ययन से इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला कि ऐसे वीडियो गेम खेलने से व्यवहार में क्या परिवर्तन आता है।

टेक्सास एएंडएम यूनिवर्सिटी ने करीब तीन सालों तक 165 कंप्यूटर गेम खेलने वालों पर अध्ययन किया। पाया गया कि कंप्यूटर गेम खेलने वाले आक्रामक होने के साथ-साथ अवसाद से भी घिर जाते हैं। सबसे अधिक हिंसक वीडियो गेम 1. कॉल ऑफ डय़ूटी : मॉडर्न वारफेयर-2 2. पोस्टल 3. मॉर्टल कांबैट4. ग्रैंड थेफ्ट ऑटो-35. मैडवर्ल्ड 6. मैनहंट 7. स्प्लैटरहाउस 8. सोल्जर ऑफ फॉर्चून9. गॉड ऑफ वॉर-310. डेड स्पेस

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं हिंसक वीडियो गेम