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फ्लैगविदेश कॉल चोरी का मामला, छह करोड़ रुपए का घोटालामेनबीएसएनएल अफसरों के घरों पर सीबीआई छापेसर्चदिन भर चला सर्च ऑपरेशन, कई अभिलेख जुटाएफिलहाल कॉल चोरी मामले के सबूत हाथ नहीं आएबरेली। निज संवाददातासीबीआई ने बुधवार को शहर के चार बीएसएनएल अफसरों और कर्मचारियों के घर पर छापा मारा। मामला करोड़ाें रुपए की कॉल चोरी से जुड़ा है। दिन भर चले सर्च ऑपरेशन में सीबीआई ने तमाम अभिलेख जुटाए। सुबह करीब 8.45 बजे सीबीआई की टीम चौपुला स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज परिसर पहुंची। टीम प्रभारी ने जीएम मनीराम से संपर्क कर उन्हें छापे की औपचारिक जानकारी दी। इसके बाद चार अलग-अलग दल विभिन्न स्थानों पर चेकिंग करने चले गए। चार दलों ने सात घंटे आरोपितों के निवासी पर सर्च किया। साथ ही जरूरी अभिलेख कब्जे में लिए। सूत्रों की मानें तो कॉल चोरी से संबंधित कोई अभिलेख नहीं मिला। जांच के दौरान विभागीय विजीलेंस अधिकारी आरके गुप्ता और आरपी गंगवार मौजूद रहे। चार ठिकानों पर छापेसीबीआई ने आईएसडी कॉल घोटाले के तहत चौपुला एक्सचेंज परिसर निवासी एसडीओ बीएन सिंह, राजेंद्रनगर स्थित रिटायर जेई अवध बिहारी, शास्त्रीनगर निवासी जिला अभियंता पीके गंगवार और सतीपुर स्थित लाइनमैन राजाराम के घर पर छापे मारे।छह करोड़ का घोटालासामान्य बेसिक फोन से खाड़ी देशों, पाकिस्तान, दुबई, बंगलादेश आदि विभिन्न देशों को बातचीत हुईं। विभागीय एक्सचेंज की मिलीभगत से हुई कॉल चोरी से छह करोड़ रुपए का चूना लगा है।दो वर्ष पुराना मामलाजून 2009 में पुराना शहर और बिहारीपुर में कुल 18 बेसिक फोन शुरू हुए। नया कनेक्शन लेने वालों ने बिना एसटीडी और आईएसडी सुविधा भी नहीं ली थी। इसके बावजूद इन नंबरों से विदेशों में बात की गई। विदेश संचार निगम से खुलासाविदेश संचार निगम देश से बाहर जाने और आने वाली कॉल पर निगरानी रखता है। लिहाजा नियमित समीक्षा से खुलासा हुआ तो अफरातफरी मच गई कि सामान्य नंबरों से अरब आदि देशों से कैसे बात हुई। जांच में लीपापोतीविदेशों से बातचीत घोटाले की विभागीय जांच हुई। तत्कालीन जीएम राजीव यादव ने खानापूर्ति के लिए पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। कोतवाली पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला लौटा दिया। इसपर विभागीय जांच हुई और मामला चीफ विजीलेंस अधिकारी बीएसएनएल दिल्ली तक पहुंचा। सीवीओ ने पिछले वर्ष विभागीय जांच लचर मानते हुए इसे वापस कर दिया। साथ ही सुझाव दिया था कि मामला गंभीर है, कभी भी इस पर सीबीआई जांच कर सकती है।अंदेशा पहले से थासीबीआई दल पहली बार बीएसएनएल पर छापा मारने नहीं पहुंचा है। कुछ माह पहले ही विभिन्न मामलों की शिकायत पर छापा मारा गया था। इसके तहत ही कॉल घोटाला फिर से सामने आ गया। पिछले दिनों सीबीआई ने विस्तृत जानकारी मांगी थी। इस पर विभाग ने इस मामले में छह करोड़ रुपए घोटाला होना स्वीकार किया था। मामले और भी तत्कालीन जीएम राजीव यादव के कार्यकाल में गोदाम पर कथित आगजनी हुई। लाखों रुपए का सामान राख होना दर्शा दिया गया था। जूता खरीद घोटाला, सुरक्षा घेरे से कैं ट स्थित गोदाम से लाखों का सामान चोरी होना, एक्सचेंज व जेनरेटर मरम्मत ठेका घोटाला आदि कई प्रमुख मामले लंबित हैं। बताते हैं कि सीबीआई इन सभी मामलों पर आंतरिक जांच कर रही है।ये थे सीबीआई टीम में सीबीआई एसपी (भ्रष्टाचार उन्मूलन) रतन संजय ने छापा संचालन किया। छापादल अधिकारी एसी शुक्ला, आरके तिवारी, जावेद अली, मनोज कूमार आदि शामिल रहे। ‘विदेश कॉल चोरी मामला पुष्ट होते ही चार स्थानों पर सर्च हुई। अभी प्रक्रिया जारी रहेगी। केंद्रीय विभागों से जुड़े भ्रष्टाचार संबंधी मामले कोई भी सीधे भेज सकता है।’ - जावीद अहमद, संयुक्त निदेशक, सीबीआई, यूपी

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