DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भाजपा अंदर से कांग्रेस के साथ

 बरेली। वरिष्ठ संवाददाता। सरकार की मंशा न तो एफडीआई को लेकर ठीक है और न ही जन लोकपाल बिल को लेकर। विरोधी शोर करते रहेंगे और सरकार सभी बिल मंजूर करा लेगी। विरोधी दलों में ताकत नहीं है। खुद भाजपा अंदर से कांग्रेस के साथ है। ऐसा मेरा मानना है। बुधवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हिन्दी आलोचना के शीर्ष पुरुष प्रो. नामवर सिंह ने बेबाक बातचीत में यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी इस मान्यता को गलत साबित होते देखना चाहते हैं। प्रो. सिंह ने राजनीति के अंदरूनी हालात को बयां किया। उन्होंने कहा कि वह साहित्यिक व्यक्ति हैं, लेकिन राजनीति के अंदर तक की जानते हैं। सिर्फ वह ही नहीं बल्कि पब्लिक भी सब जानती है। सरकार ने जन लोकपाल बिल टाल दिया। इसे लेकर भी सांठगांठ हो गई है। कम चीजें अन्ना को दी जाएंगी। बीजेपी लोकपाल बिल के मुद्दे पर भी मिली हुई है, क्योंकि दोनों पार्टियों के फाइनेंसर तो एक ही हैं।

इस बिल से हमारे पूंजीपति वर्ग को फायदा है। नार्थ-साउथ ब्लाक में देखिए प्रो. सिंह मानते हैं कि राजनीति में नाटकबाजी बढ़ी है। एक सवाल पर वह कहते हैं, पार्लियामेंट में खून के प्यासे लोग बाद में गले मिलते हैं। नॉर्थ और साउथ ब्लाक में एक साथ बैठकर पार्टियां करते हैं। नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक के जमाने में ऐसे लोग नहीं थे। राजनीति का यह नया चरित्र है। सांसदों-विधायकों को जो नया क्लास आया है, उसमें वैचारिक निष्ठा नहीं है। अखबार वाले हिम्मत करके कुछ चीजें सामने लाते हैं लेकिन यह नक्कारखाने में तूती की आवाज ही कही जाएगी। हालांकि सत्ता मीडिया को भी खरीद लेती है। छात्रों की आवाज पर अंकुशएकेड़ािक दुनिया में अवसरवादिता आ गई। छात्र संघ खत्म कर दिए। अब तो जेएनयू का भी वह स्तर नहीं रहा। स्टूडेंट की सहभागिता निल है। यह कोई लोकतांत्रिक तरीका नहीं है कि छात्रों की आवाज को दबा दिया जाए। हर जगह छात्रों की आवाज को खारिज किया जा रहा है। विद्या का व्यसन खत्म हो गयाशिक्षा के मौजूदा हालात से प्रो. नामवर सिंह आहत दिखे। उन्होंने कहा, अब गुरु घंटाल हो गए यानी घंटा बजा तो पढ़ाया, नहीं तो कोई बात नहीं। हमारी परंपरा में पढ़ाना एक मिशन था। अब अच्छी तनख्वाह हो गई। अच्छा वेतन हो गया। विद्या का व्यसन तो खत्म ही हो गया है। पढ़ाई से पहले पूछा जाता है कि क्या फायदा होगा, जहां मुनाफा आ गया, वह बेहतरी की उम्मीद कैसे करेंगे। आज के कम्युनिस्ट हाईप्रोफाइलमहामहिम ने अपने भाषण में नामवर सिंह को गांधी का अनन्य भक्त बताया जबकि वह कम्युनिस्ट हैं। उन्होंने सफाई दी कि कम्युनिस्ट गांधी के विरोधी नहीं हैं। मजदूरों-किसानों की बात करने वालों को आम आदमी की तरह रहना चाहिए, यह गांधी कहते थे। उन्होंने यह माना कि आज के कम्युनिस्ट हाईप्रोफाइल हो गए हैं। नामवर के फैनगेस्ट हाउस में कुछ देर रुकने के दौरान नामवर सिंह के तमाम फैन भी वहां दिखे, जिनमें कुछ अधिकारी भी थे। एसपीआरए अनिल कुमार, विधायक संजय कपूर, साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी मिलने पहुंचे। युवाओं ने उनके साथ फोटो भी खिंचाए। खद्दर का धोती-कुरता पहने नामवर सिंह ने पत्रकारों से समाचारों की भाषा को लेकर भी बात की और हिंग्लिश से बचने को कहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भाजपा अंदर से कांग्रेस के साथ