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वाहन चोरों के दो नए गिरोह पंजीकृत

वाराणसी कार्यालय संवाददाता। वाहन चोरों पर नकेल कसने के क्रम में आईजी रेंज के निर्देश पर दो नए गिरोह पंजीकृत किए गए हैं। वाराणसी से संचालित होने वाले दोनों गिरोह के कई सदस्य आसपास के जिलों में भी सक्रिय हैं। इन गिरोहों का काम आसपास के इलाकों से वाहन उड़ाकर दूसरे जनपदों और राज्यों में भेजना है। रेंज कार्यालय में पंजीकृत वाहन चोर गिरोहों की संख्या छह हो गई है। लगातार वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले मनोज यादव और विनय उर्फ बाबू गिरोह को सोमवार को जनपदीय गिरोह के रूप में पंजीकृत कर लिया गया। आईजी रेंज राजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि शिवपुर निवासी मनोज यादव की गैंग में पांच सक्रिय सदस्य काम कर रहे हैं।

इनमें शिवपुर निवासी रिंकू उर्फ राज और अशोक, मऊ निवासी प्रेमनाथ, सारनाथ निवासी सुजीत उर्फ पिंटू और जैतपुरा निवासी त्रिभुवन हैं। इसके अलावा मिर्जापुर निवासी विनय उर्फ बाबू की गैंग में दो सदस्य, चुनार निवासी अवनीश पटेल और सचिन सिंह हैं। इनकी तलाश की जा रही है। बता दें कि आईजी कार्यालय में चार अन्य वाहन चोर गिरोह पहले से दर्ज हैं। इनमें 25 नवंबर-2011 को दर्ज अभिषेक यादव उर्फ प्रधान का गिरोह सबसे शातिर माना जाता है।

अंतरजनपदीय श्रेणी में दर्ज इस गिरोह में नौ सक्रिय सदस्य काम कर रहे हैं। गिरोहों का विवरण2010 वीरेंद्र पाठक गिरोह: वाराणसी में संचालित इस गैंग में तीन सक्रिय सदस्य हैं।2010 मनीष पाठक गिरोह: छह सक्रिय सदस्यों के साथ यह गिरोह भी वाराणसी पुलिस के लिए चुनौती है। 25 नवंबर 2010: अभिषेक यादव उर्फ प्रधान - नौ सदस्यों वाला यह गिरोह जौनपुर में संचालित है।25 जून 2011 : दीनबंधु राजभर गिरोह - छह सदस्यों वाला यह गिरोह गाजीपुर में सक्रिय है।29 नवंबर 2011: मनोज यादव और विनय उर्फ बाबू गिरोह - क्रमश: छह और दो सदस्यों वाले यह गैंग वाराणसी में सक्रिय हैं।

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