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गिरफ्त में गुनहगार

पहले पुणे की जर्मन बेकरी में धमाका, फिर बेंगलुरू का चिन्नास्वामी स्टेडियम बना निशाना और फिर दिल्ली के जामा मस्जिद पर हुआ हमला। आठ महीनों के भीतर इन तीन बड़ी वारदातों की साजिश रचने और खतरनाक मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने वाले छह आतंकी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकियों ने बड़ी चतुराई से इन वारदातों का तानाबाना बुना, पर पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ डाला है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए इन आतंकियों में एक पाकिस्तानी मूल का है, जबकि अन्य पांच बिहार के दरभंगा व मधुबनी के रहने वाले हैं। बाटला मुठभेड़ के बाद आईएम के इस नए टेरर मॉडयूल के खुलासे को दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

इस मॉडयूल को पिछले साल जनवरी में कर्नाटक निवासी इंडियन मुजाहिदीन के ही एक आतंकी अहमद सिद्दीकी बापा उर्फ शाहरुख उर्फ यासीन अहमद ने खड़ा किया था। दिल्ली पुलिस अब सिद्दीकी और इस मॉडयूल से जुड़े उसके पांच अन्य साथियों की तलाश में पांच राज्यों के तेरह स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

गिरफ्तार आतंकियों में पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद आदिल उर्फ अजमल, मोहम्मद कतील सिद्दीकी उर्फ शहजादा, मोहम्मद इरशाद खान, गौहर अजीज खुमानी, गयूर अहमद जमाली व अब्दुर रहमान शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सूचना पर स्पेशल सेल ने गत-22 और 23 नवंबर को मोहम्मद कातिल और गौहर अजीज को दिल्ली के आनंद विहार इलाके से गिरफ्तार किया। फिर इनकी निशानदेही पर गत 24 और 25 नवंबर को बिहार के मुधबनी से गयूर अहमद और पाकिस्तानी मोहम्मद आदिल को गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद इरशाद व अब्दुर रहमान को चेन्नई से बीते रविवार को धर-दबोचा।

आरोपियों के पास से दो एके-47 राइफल, 50 कारतूस, 9 एमएम की एक पिस्तौल, 14 गोलियां, काले रंग का विस्फोटक 1.4 किलो, सफेद विस्फोटक 3.2 किलो, हल्का सफेद विस्फोटक 350 ग्राम, पांच डेटोनेटर, दो लाख रुपये के नकली नोट और भड़काऊ साहित्य बरामद किया गया है।

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