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विपक्ष के साथ सुलह में जुटी सरकार

रिटेल कारोबार में एफडीआई के फैसले से नाराज चल रहे यूपीए के घटकदल तृणमूल और डीएमके की ओर से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद सरकार स्थगन प्रस्ताव का सामना करने पर विचार कर रही है। संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को फोन कर स्थगन प्रस्ताव की भाषा में बदलाव का आग्रह किया है। साथ ही सरकार इस मुद्दे पर विकल्प की संभावनाओं पर भी विचार करने से इनकार नहीं कर रही है। 

भाजपा ने सरकार के आग्रह को ठुकरा दिया है। पार्टी का कहना है कि सरकार एफडीआई के फैसले को वापस ले या स्थगन प्रस्ताव का सामना करे। एफडीआई पर सहयोगियों को भरोसे में लेने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तृणमूल और डीएमके के नेताओं से बातचीत की है। डीएमके ने यकीन दिलाया है कि स्थगन प्रस्ताव की सूरत में वह सरकार का साथ देगी। पर तृणमूल की तरफ से इस तरह का कोई आश्वासन नहीं मिला है। हालांकि, तृणमूल ने स्थगन प्रस्ताव पर सरकार के खिलाफ जाने की बात भी नहीं की है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में दो बार पार्टी कोर ग्रुप की बैठक हुई। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोनिया से मुलाकात की। उधर, सलमान खुर्शीद के मुताबिक, एफडीआई के मुद्दे पर सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।

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