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यूपी में ग्रीष्मलहर का प्रकोप जारी

लखनऊ प्रमुख संवाददाता। पूरा अप्रैल और करीब-करीब आधा मई आंधी-पानी के आए दिन के सिलसिले के चलते लग रहा था कि इस दफा तो कूलर और ऐसी चलाने की नौबत शायद ही आए। मगर मई का दूसरा पखवारा शुरू होते-होते मौसम अचानक बदल गया। मौसम के इस तीखे मिजाज से जनजीवन बेहाल है।

फिलहाल धूप की तीखी तपन और झुलसाने वाली लू के थपेड़ों की मार प्रदेश वासियों को अभी एक दो दिन और झेलनी होगी। राजस्थान, पंजाब व हरियाणा के कुछ हिस्सों, उत्तरी मध्य प्रदेश के साथ साथ दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भी ग्रीष्मलहर का प्रकोप बना हुआ है।

मौसम निदेशक जे.पी.गुप्ता की मानें तो हवा का रुख अब पछुवा के बजाए पुरवा हो चला है और पुरवाई के चलने से अगले दो दिनों के बाद ऊपर चढ़ता पारा नीचे आएगा, साथ ही छिटपुट बारिश और तेज रफ्तार अंधड़ चलने के आसार भी बन रहे हैं।

मंगलवार को प्रदेश का सबसे गरम स्थान झांसी रहा जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक था। फिलहाल गर्मी के मौजूदा मौसम में प्रदेश में अब तक पारा सबसे ऊपर 46.6 बांदा में सोमवार 16 मई को दर्ज हुआ था। लखनऊ में पिछले साल गर्मियों में सबसे अधिक 44.7 डिग्री सेल्सियस पर पारा 13 मई को दर्ज किया गया था।

आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चौबीस घण्टों के दरम्यान यानी सोमवार को गोरखपुर मंडल में छिटपुट बारिश हुई। प्रदेश के शेष सभी मंडलों में मौसम सूखा रहा। प्रदेश के दक्षिण पूर्व इलाकों में ग्रीष्म लहर का प्रकोप जारी है। वाराणसी, लखनऊ, झांसी, इलाहाबाद और कानपुर मण्डलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया।

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